यूपी: 15 दिन के मासूम को पांच लाख रुपये में बेचने का आरोप, 14 माह बाद पुलिस ने कराया बरामद; छह गिरफ्तार
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक 14 माह के मासूम की कथित खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बच्चे को बरामद कर लिया है और मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, बच्चे के जन्म के करीब 15 दिन बाद उसे उसके माता-पिता ने कथित तौर पर एक दाई के माध्यम से दो लाख रुपये में सौंप दिया था। इसके बाद बच्चे को कथित रूप से पांच लाख रुपये में हरिद्वार के एक दंपती को दे दिया गया।
पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर बच्चे के माता-पिता, दाई, दो कथित अप्रशिक्षित चिकित्सकों और बच्चे को खरीदने वाली महिला को गिरफ्तार किया गया है। मामले में एक अन्य महिला आरोपी की गिरफ्तारी अभी बाकी बताई जा रही है।
जन्म के 15 दिन बाद बच्चे को सौंपने का आरोप
पुलिस के अनुसार, मामला बच्चे के जन्म के कुछ ही दिनों बाद शुरू हुआ। आरोप है कि जन्म के करीब 15 दिन बाद बच्चे के माता-पिता ने उसे दाई के माध्यम से दो लाख रुपये में किसी अन्य व्यक्ति को सौंप दिया। बाद में यही बच्चा कथित तौर पर पांच लाख रुपये में हरिद्वार निवासी एक दंपती तक पहुंचा।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चे को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने में किन-किन लोगों की भूमिका रही और इस पूरी प्रक्रिया में पैसों का लेनदेन किस तरह हुआ।
पांच लाख रुपये में हरिद्वार के दंपती को देने का आरोप
जांच में पुलिस को जानकारी मिली कि बच्चे को बाद में हरिद्वार के एक दंपती को कथित तौर पर पांच लाख रुपये में सौंपा गया था। पुलिस ने इस मामले में बच्चे को खरीदने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही बच्चे को वहां तक पहुंचाने और कथित सौदे में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मामा की शिकायत पर दर्ज हुई प्राथमिकी
मामले का खुलासा बच्चे के मामा की शिकायत के बाद हुआ। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने बच्चे का पता लगाया और उसे बरामद कर लिया।
दो कथित अप्रशिक्षित चिकित्सक भी गिरफ्तार
पुलिस की कार्रवाई में दो ऐसे लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिन्हें पुलिस ने अप्रशिक्षित चिकित्सक बताया है। दोनों को भी मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि बच्चे के जन्म, उसकी पहचान अथवा उसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में इन दोनों की क्या भूमिका थी।
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है और इससे पहले भी इसी तरह बच्चों की खरीद-फरोख्त की गई है या नहीं।
एक महिला आरोपी की गिरफ्तारी बाकी
पुलिस के मुताबिक, मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक महिला आरोपी अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और कथित लेनदेन के संबंध में और जानकारी सामने आ सकती है।
14 माह बाद परिवार तक पहुंचा मासूम
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि करीब 14 माह बाद पुलिस बच्चे को बरामद करने में सफल रही। बच्चे के बरामद होने के बाद परिवार में राहत का माहौल है। पुलिस अब मामले में सभी आरोपियों की भूमिका, पैसों के लेनदेन और बच्चे को एक परिवार से दूसरे परिवार तक पहुंचाने की पूरी कड़ी को जोड़ने में जुटी है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










