कब्रिस्तान में मय्यत दफ़नाने के लिए भी पैसों की मांग, रकम न देने पर लौटा दिया जनाजा


स्योहारा में नगर पालिका के कब्रिस्तान पर कथित कमेटी की दबंगई का आरोप,मय्यत को दूसरे कब्रिस्तान में दफनाने को मजबूर हुआ परिवार, ईओ से कार्रवाई की मांग

स्योहारा (चिंगारी)। इंसान की जिंदगी में सबसे भावुक क्षण वह होता है, जब किसी अपने को अंतिम विदाई देकर सुपुर्द-ए-खाक किया जाता है,लेकिन स्योहारा में एक परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे अपने भाई को नगर पालिका के अधीन बताए जा रहे कब्रिस्तान में दफनाने के लिए भी कथित तौर पर बड़ी रकम देने को कहा गया। रकम देने से इनकार करने पर कब्र खोदने से रोकने, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप है। मामला अब नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी तक पहुंचा है। पीड़ित ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


मोहल्ला भिलकियान निवासी नौशाद हुसैन पुत्र मोहम्मद इलियास ने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद स्योहारा को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसके भाई शादाब की करीब 11 माह पहले मृत्यु हुई थी। परिवार जब शादाब की मय्यत को दफनाने के लिए उक्त कब्रिस्तान पहुंचा तो वहां कथित रूप से स्वयंभू कमेटी के लोगों ने उनसे पांच हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता के अनुसार, परिवार ने मजबूरी में यह रकम दे दी। उस समय कमेटी की ओर से रसीद देने की बात कही गई, लेकिन आरोप है कि आज तक कोई रसीद उपलब्ध नहीं कराई गई।


शिकायत के मुताबिक, 22 अगस्त 2026 को नौशाद के दूसरे भाई शमशाद हुसैन का भी इंतकाल हो गया। परिवार गम में डूबा हुआ जनाजा लेकर उसी कब्रिस्तान में पहुंचा। परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे ही थे कि कथित कमेटी से जुड़े लोगों ने इस बार 40 हजार रुपये की मांग कर दी। परिवार ने इतनी बड़ी धनराशि देने में असमर्थता जताई तो आरोप है कि कब्र खोदने से साफ इनकार कर दिया गया।


शिकायतकर्ता का आरोप है कि विरोध करने पर उसके और परिवार के साथ गाली-गलौज एवं अभद्र व्यवहार किया गया और मारपीट पर उतारू होने जैसी स्थिति पैदा हो गई। हालात बिगड़ने पर परिवार को जनाजा वापस लेकर लौटना पड़ा। बाद में शमशाद को दूसरे कब्रिस्तान में दफनाया गया। घटना ने परिवार को आर्थिक परेशानी के साथ-साथ गहरी मानसिक पीड़ा भी पहुंचाई।


पीड़ित परिवार का कहना है कि कब्रिस्तान में मृतक को दफनाना किसी परिवार के लिए पहले ही बेहद भावुक और दुखद समय होता है। ऐसे समय में पैसों को लेकर दबाव बनाए जाने और कब्र खोदने से रोकने का आरोप बेहद गंभीर है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि यदि कब्रिस्तान नगर पालिका के अधीन है तो किसी निजी या स्वयंभू कमेटी को मृतकों के परिजनों से मनमाने ढंग से धनराशि वसूलने का अधिकार कैसे मिला, इसकी जांच होना जरूरी है।


नौशाद हुसैन ने नगर पालिका प्रशासन से कथित कमेटी के गठन, उसके अधिकार और कब्रिस्तान की वास्तविक स्वामित्व एवं प्रबंधन व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। साथ ही शादाब की मृत्यु के समय कथित रूप से लिए गए पांच हजार रुपये और 22 अगस्त को मांगे गए 40 हजार रुपये की भी जांच की मांग की गई है।


शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि मामले में नगर पालिका के किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता अथवा मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।


पीड़ित ने 22 अगस्त की कथित घटना में कब्र खोदने से रोकने, गाली-गलौज करने और मारपीट पर उतारू होने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा कब्रिस्तान में दफनाने की प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की अवैध वसूली या दबंगई न हो, इसके लिए आवश्यक पुलिस सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग भी की गई है।


शिकायतकर्ता ने अपने परिवार और मोहल्ले के लोगों को संबंधित व्यक्तियों से धमकी अथवा नुकसान की आशंका भी जताई है। उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े, इसके लिए ठोस व्यवस्था किए जाने की मांग की है।