पेपर लीक, बेरोजगारी व कानून व्यवस्था को लेकर सपाइयों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग धकेलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे
पुलिस से हुई नोकझोंक के बाद डीएम को सौंपा 11 सूत्रीय ज्ञापन
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और महिलाएं रहीं मौजूद
बिजनौर (चिंगारी)। बेरोजगारी, पेपर लीक, भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था व जनहित के अन्य मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आज जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। लंबे समय के बाद सपा के किसी प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय भीड़ देखने को मिली। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काफी देर तक पार्टी कार्यालय से बाहर नहीं निकलने दिया, जिससे सपाइयों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में कार्यकर्ता बैरिकेडिंग धकेलते हुए कलेक्ट्रेट पहुंच गए और जिलाधिकारी जसजीत कौर एवं एसडीएम सदर रितु रानी को 11 सूत्रीय ज्ञापन दिया।

प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सपा नेता अपने-अपने समर्थकों के साथ नारेबाजी करते हुए पार्टी कार्यालय पहुंचे। विधानसभा चुनाव का टिकट चाहने वाले कई संभावित दावेदार भी अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे। दोपहर तक पार्टी कार्यालय, कार्यकर्ताओं से खचाखच भर गया। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कलेक्ट्रेट जाने वाले सभी मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी थी। कार्यालय के बाहर भी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

प्रदर्शन में प्रभा चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी की। सबसे पहले महिलाओं ने कार्यालय से बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर रोक दिया। इसके बाद पुलिस और सपाइयों के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। इसी दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग धकेल दी और वे नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचने में कामयाब हो गये, जहां उन्होंने कुछ देर के लिये डीएम कार्यालय के बाहर नारेबाजी की बाद में उन्होंने ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने व रिक्त सरकारी पदों पर पारदर्शी एवं समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग की गई। साथ ही पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। सपा ने किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने, समय पर गन्ना भुगतान कराने तथा कृषि लागत कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी मांग की। ज्ञापन में भ्रष्टाचार पर कठोर अंकुश लगाने, सभी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था में सुधार कर महिलाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल रही।
इसके अलावा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, धार्मिक स्थलों पर हो रही चोरी और असामाजिक घटनाओं पर रोक लगाने, नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, सडक़, बिजली, सफाई और जल निकासी जैसी मूलभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने, संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने, शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाल करने तथा बाढ़ सुरक्षा के लिए जनपद में तटबंधों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण की मांग भी की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि लोकतंत्र में जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान केंद्र और प्रदेश सरकार जनहित के मुद्दों पर विफल साबित हुई है। समाजवादी पार्टी ने सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन में सपा जिला अध्यक्ष हनी फैसल, जिला महासचिव धनंजय यादव, विधायक तसलीम अहमद, स्वामी ओमवेश, मनोज पारस व रामअवतार सैनी, नईमुल हसन, स्वाति वीरा, अनुज मलिक, राहुल सिंह, डा. रमेश तोमर, अमित प्रताप सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, शेख जाकिर हुसैन, अनिल यादव व जमील अंसारी, सत्यपाल सिंह, दिलशाद अंसारी, हेमंत कुमार, प्रभा चौधरी, प्रमोद प्रधान, मदलाल सैनी, कुंतेश सैनी, राधा सैनी, शमशाद अंसारी, जावेद राईन, राशिद राईन, अखलाक पप्पू, अहमद खिजर, बीके कश्यप, श£ोक पंवार, अशोक आर्य, कामेंद्र तोमर प्रवेश चौधरी आदि सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।







