बिजनौर बैराज के पास गंगा पर नया फोरलेन पुल अगले साल तक तैयार
बिजनौर बैराज के पास गंगा नदी पर बनाए जा रहे फोरलेन पुल का काम तेजी से चल रहा है। अब तक लगभग 60% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पुल की कुल लंबाई करीब 2.75 किलोमीटर होगी और इसे मजबूत बनाने के लिए 126 कुएं तैयार किए जा रहे हैं। इनमें से 80 कुएं पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि बाकी पर काम जारी है।
- पिलर कैप: 46 पिलरों पर कैप का निर्माण पूरा हो चुका है।
- गार्डर: पुल पर कुल 496 गार्डर लगाए जाएंगे। इनमें से 356 गार्डर पहले ही तैयार कर लिए गए हैं और कुछ पिलरों पर रखे भी जा चुके हैं।
- स्लैब कार्य: गार्डर पर स्लैब डालने के बाद पुल का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच जाएगा।
बरसात के मौसम में गंगा नदी के उफान पर रहने के कारण काम की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। अनुमान है कि जुलाई–अगस्त 2027 तक पुल का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
यातायात समस्या का समाधान
वर्तमान में बिजनौर बैराज पर बना पुराना पुल केवल दो लेन का है। इस कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है और वाहनों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। नया फोरलेन पुल चालू होने के बाद इस समस्या से राहत मिलेगी।
साथ ही, बहसूमा से बिजनौर तक बाईपास का निर्माण भी किया जा रहा है। इससे भारी वाहनों का दबाव पुराने पुल पर कम होगा और यातायात सुगम बनेगा।
क्षेत्रीय विकास पर असर
- यातायात सुगमता: पुल चालू होने के बाद बिजनौर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा।
- आर्थिक लाभ: व्यापार और उद्योग को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।
- पर्यटन: गंगा बैराज और आसपास के धार्मिक स्थलों तक पहुंचना सुविधाजनक होगा।
- ग्रामीण कनेक्टिविटी: गांवों से शहर तक पहुंचने में समय की बचत होगी।
बिजनौर बैराज के पास गंगा नदी पर बन रहा यह नया फोरलेन पुल न केवल यातायात की समस्या को दूर करेगा बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देगा। अगले साल जुलाई–अगस्त तक इसके पूरा होने की संभावना है।








