पेट्रोल-डीजल फिर महंगे: 10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम
महंगाई का नया झटका
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। इस बार पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का भाव 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
प्रमुख शहरों में नए रेट
| शहर | पेट्रोल का नया रेट | बढ़े हुए दाम | डीजल का नया रेट | बढ़े हुए दाम |
|---|---|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 रुपये/लीटर | 2.61 रुपये | 95.20 रुपये/लीटर | 2.71 रुपये |
| कोलकाता | 113.51 रुपये/लीटर | 2.87 रुपये | 99.82 रुपये/लीटर | 2.80 रुपये |
| मुंबई | 111.21 रुपये/लीटर | 2.72 रुपये | 97.83 रुपये/लीटर | 2.81 रुपये |
| चेन्नई | 107.77 रुपये/लीटर | 2.46 रुपये | 99.55 रुपये/लीटर | 2.57 रुपये |
बिजनौर में ताज़ा ईंधन दरें
| ईंधन | कीमत (₹/लीटर) | हालिया बदलाव |
|---|---|---|
| पेट्रोल | ₹101.75 | +2.60 रुपये (24 मई को ₹99.15 से बढ़कर) |
| डीजल | ₹92.92 | स्थिर, हालिया बढ़ोतरी ₹2.80 (पिछले सप्ताह) |
| सीएनजी | ₹101.90 प्रति किलोग्राम | मई 2026 में स्थिर |
| एलपीजी | ₹934 प्रति 14.2 किग्रा सिलेंडर | मई 2026 में स्थिर |
हालिया बढ़ोतरी का सिलसिला
- 15 मई 2026: पेट्रोल ₹97.33, डीजल ₹90.62 (बड़ी बढ़ोतरी ₹2.80 और ₹3.00)
- 19–22 मई 2026: पेट्रोल धीरे-धीरे ₹98.49 से ₹98.54 तक बढ़ा।
- 23 मई 2026: पेट्रोल ₹99.55, डीजल ₹91.81।
- 24 मई 2026: पेट्रोल ₹99.15, डीजल ₹91.71।
- 25 मई 2026: पेट्रोल ₹101.75, डीजल ₹92.92।
बढ़ोतरी के कारण
- वैश्विक तेल कीमतें: पश्चिम एशिया संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम लगातार ऊंचे बने हुए हैं।
- रिफाइनिंग मार्जिन: कंपनियों को रिफाइनिंग से कम लाभ मिल रहा है।
- रुपये की कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट से आयात महंगा हो रहा है।
हालिया बढ़ोतरी का सिलसिला
23 मई को ही पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था। उसी दिन सीएनजी की कीमत भी 1 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाई गई थी। हाल के दिनों में सीएनजी कुल 4 रुपये प्रति किलोग्राम तक महंगी हो चुकी है।
लगातार बढ़ते ईंधन दाम आम आदमी की जेब पर सीधा असर डाल रहे हैं। परिवहन लागत बढ़ने से अन्य वस्तुओं की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता नहीं आई तो आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।







