मिडिल ईस्ट तनाव और पीएम मोदी का बयान

मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में हाल ही में अमेरिका और इज़रायल की संयुक्त कार्रवाई के बाद हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान ने भी कई जगहों पर हमले किए हैं, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ गई है। इस पृष्ठभूमि में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया।

पीएम मोदी का बयान

  • उन्होंने कहा कि भारत की सोच हमेशा शांति बनाए रखने की रही है।
  • पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति भारत के लिए गहरी चिंता का विषय है।
  • समस्याओं का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है।
  • पीएम मोदी ने आश्वासन दिया कि इस क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए भारत सभी देशों के साथ मिलकर काम करता रहेगा।

यह बयान भारत की पारंपरिक विदेश नीति को दर्शाता है, जिसमें शांति, स्थिरता और संवाद को प्राथमिकता दी जाती है।

भारत-कनाडा संबंधों पर चर्चा

सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क जे. कार्नी से दिल्ली में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया।

मुख्य बिंदु

  • भारत और कनाडा ने 2030 तक 50 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार लक्ष्य तय किया है।
  • दोनों देशों ने जल्द ही एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है।
  • पीएम मोदी ने बताया कि कनाडा के पेंशन फंडों ने भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश किया है, जो भारत की विकास यात्रा में उनके विश्वास को दर्शाता है।
  • दोनों नेता व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से भी मिलेंगे, ताकि आर्थिक सहयोग की रूपरेखा और मजबूत हो सके
  • मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर भारत ने शांति और संवाद का संदेश दिया है।
  • कनाडा के साथ भारत का आर्थिक सहयोग नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
  • यह मुलाकात भारत की विदेश नीति के दो पहलुओं को उजागर करती है:
    1. वैश्विक शांति और स्थिरता की वकालत।