फरीदाबाद मॉड्यूल का खुलासा: लाल किले के पास तबाही की साजिश, डॉक्टर बने मौत के सौदागर
दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके ने पूरे देश को हिला दिया है। इस आतंकवादी घटना के पीछे चार डॉक्टरों की संलिप्तता सामने आई है, जो न केवल चौंकाने वाली है बल्कि यह दर्शाती है कि आतंकवाद अब शिक्षित वर्ग में भी अपनी जड़ें जमा रहा है।
🔥 घटना का विवरण: लाल किले के पास धमाका
सोमवार शाम 6:51 बजे दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास स्थित चांदनी चौक लाल बत्ती पर एक i20 कार में जोरदार धमाका हुआ। यह धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास की इमारतें हिल गईं और अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस धमाके में 9 लोगों की मौत हुई और 29 से अधिक लोग घायल हुए। यह घटना उस समय हुई जब इलाके में भारी भीड़ थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हमलावरों ने जानबूझकर ऐसा समय चुना जिससे अधिकतम नुकसान हो।
🧠 मुख्य आरोपी: डॉक्टर मोहम्मद उमर
- पेशे से डॉक्टर, लेकिन फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था
- धमाके के समय कार अकेले चला रहा था, CCTV फुटेज से पुष्टि हुई
- विस्फोटक में अमोनियम नाइट्रेट और फ्यूल ऑयल का इस्तेमाल किया गया
- धमाके से पहले कार सुनहरी मस्जिद के पास पार्किंग में तीन घंटे तक खड़ी थी
- धमाके के कुछ मिनट पहले कार को निकाला गया और उमर ने मास्क पहन लिया
इस धमाके का मुख्य आरोपी डॉक्टर मोहम्मद उमर बताया जा रहा है, जो फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था। उमर पेशे से डॉक्टर था, लेकिन उसने आतंक की राह पकड़ ली। जब उसे अपने साथी डॉक्टर मुजम्मिल शकील की गिरफ्तारी की खबर मिली, तो उसने घबराकर आत्मघाती हमला करने का फैसला किया। CCTV फुटेज से यह पुष्टि हुई कि धमाके के समय कार वही चला रहा था। फुटेज में देखा गया कि कार दोपहर 3:19 बजे सुनहरी मस्जिद के पास पार्क की गई थी और धमाके से ठीक 4 मिनट पहले यानी 6:48 बजे निकाली गई।
उमर ने धमाके के लिए अमोनियम नाइट्रेट और फ्यूल ऑयल का इस्तेमाल किया, जो फरीदाबाद से बरामद किया गया था। उसने कार में डेटोनेटर भी रखा था। धमाके के समय वह अकेला था, हालांकि पहले यह सूचना थी कि उसके साथ दो और लोग मौजूद थे।
👮♂️ गिरफ्तार डॉक्टरों की सूची
इस मामले में अब तक चार डॉक्टरों की संलिप्तता सामने आई है, जिनमें से तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है:
- डॉ मुजम्मिल शकील – पुलवामा निवासी, अल फलह यूनिवर्सिटी में फैकल्टी। उसके पास से 2,900 किलो IED बनाने वाली सामग्री बरामद की गई।
- डॉ अदील राथर – कुलगाम के वालपोरा का निवासी। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पोस्टर लगाने के आरोप में गिरफ्तार।
- डॉ शाहीन शाहिद – लखनऊ निवासी महिला डॉक्टर, अल फलह यूनिवर्सिटी में शकील की सहयोगी।
इनके अलावा डॉक्टर मोहम्मद उमर ने आत्मघाती हमला कर खुद को खत्म कर लिया।
| नाम | स्थान | भूमिका |
|---|---|---|
| डॉ मुजम्मिल शकील | पुलवामा | अल फलह यूनिवर्सिटी का फैकल्टी, 2900 किलो IED सामग्री बरामद |
| डॉ अदील राथर | कुलगाम | जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पोस्टर लगाने में शामिल |
| डॉ शाहीन शाहिद | लखनऊ | शकील की सहयोगी, अल फलह यूनिवर्सिटी से जुड़ी |
🧨 फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल का खुलासा
- कुल 8 लोगों की गिरफ्तारी, जिनमें 7 कश्मीर से हैं
- बरामद सामग्री में AK-47, डेटोनेटर, विस्फोटक रसायन शामिल
- मॉड्यूल का उद्देश्य था दिल्ली में बड़े पैमाने पर आतंक फैलाना
फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़े कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 7 कश्मीर से हैं। इस मॉड्यूल का उद्देश्य दिल्ली में बड़े पैमाने पर आतंक फैलाना था। बरामद सामग्री में AK-47, डेटोनेटर, विस्फोटक रसायन और अन्य हथियार शामिल हैं। यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
📉 निष्कर्ष
दिल्ली में हुए इस धमाके ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद अब पारंपरिक सीमाओं से बाहर निकलकर शिक्षित और पेशेवर वर्ग में भी प्रवेश कर चुका है। डॉक्टर जैसे सम्मानित पेशे से जुड़े लोग जब आतंक की राह पकड़ते हैं, तो यह समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। सुरक्षा एजेंसियों को अब केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालयों और संस्थानों में भी सतर्कता बरतनी होगी।






