यूक्रेन का रूस पर सबसे बड़ा ड्रोन हमला: मॉस्को में हड़कंप

यूक्रेन ने रूस पर 1,000 से अधिक ड्रोन दागे, जिनमें से लगभग 450 मॉस्को की ओर भेजे गए थे। यह राजधानी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। हमले में दो लोगों की मौत हुई और 20 लोग घायल हुए। मॉस्को ऑयल रिफाइनरी और एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा।

🎯 यूक्रेन का उद्देश्य

  • राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का बयान: हमले में Flamingo और Pelican जैसे घरेलू ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।
  • लक्ष्य: तेल और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाएं, ताकि रूस की युद्ध मशीन को आर्थिक रूप से कमजोर किया जा सके।
  • रणनीति: ऊर्जा अवसंरचना पर लगातार हमले से रूस की ईंधन आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाना।

🗳️ चुनावी संदर्भ

  • हमला ऐसे समय हुआ जब रूस में संसदीय चुनाव का अंतिम दिन चल रहा था।
  • विपक्ष की मौजूदगी बेहद सीमित रही, क्योंकि युद्ध विरोधी आवाज़ों को चुनाव से बाहर कर दिया गया।
  • रूस ने मतदान उन चार यूक्रेनी क्षेत्रों और क्रीमिया में भी कराया, जिन्हें उसने अवैध रूप से अपने में मिलाने का दावा किया है।
  • मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने कहा कि यह हमला चुनाव बाधित करने की कोशिश थी, लेकिन “दुश्मन असफल रहा।”

⚔️ रूस की प्रतिक्रिया

  • रक्षा मंत्रालय का दावा: 1,100 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए गए, जिनमें क्रीमिया और काला सागर के ऊपर उड़ रहे ड्रोन भी शामिल थे।
  • मॉस्को क्षेत्र: एक इमारत में आग लगने के बाद 400 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
  • राजनीतिक संदेश: राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चुनाव को “राष्ट्रीय एकता” का प्रतीक बताया।

🌍 व्यापक असर

  • यह हमला रूस-यूक्रेन युद्ध के पांचवें वर्ष में दोनों देशों के बीच बढ़ते लंबी दूरी के हमलों का हिस्सा है।
  • आर्थिक प्रभाव: रूस की तेल रिफाइनिंग क्षमता पर लगातार हमले से ईंधन की कमी और कीमतों में उछाल।
  • मानवीय संकट: यूक्रेन में भी रूसी हमलों से नागरिक हताहत हुए, जिनमें बुचा जिले में हाल ही में 37 मौतें शामिल हैं।