सपा प्रमुख अखिलेश यादव बोले – हर विधानसभा में बीजेपी का 27 हजार वोट कम करेंगे, बेरोजगारी और पेपर लीक को बनाया मुद्दा

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सपा हर विधानसभा में अपना वोट 27 हजार बढ़ाएगी और बीजेपी का वोट उतना ही कम करेगी। इस दौरान उन्होंने बेरोजगारी, पेपर लीक, किसानों की जमीन और आरक्षण जैसे मुद्दों पर बीजेपी सरकार को घेरा।

🔑 बेरोजगारी और आरक्षण पर निशाना

अखिलेश ने कहा कि युवाओं को बड़े पैमाने पर बेरोजगार किया गया है। सरकारी नौकरियां नहीं दी जा रही हैं और आरक्षण के अधिकारों से खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने दावा किया कि सपा द्वारा की गई आरक्षण ऑडिट का एक भी जवाब बीजेपी सरकार नहीं दे पाई है।

📌 पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सबसे ज्यादा पेपर लीक उत्तर प्रदेश में हुए हैं। उनका कहना था कि सरकार जानबूझकर परीक्षाओं को प्रभावित करती है ताकि नौकरियां न देनी पड़ें। उन्होंने कहा कि यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

🌾 किसानों और जमीन घोटाले का मुद्दा

अखिलेश ने कहा कि किसानों से जमीनें ली गईं लेकिन उन्हें सही मुआवजा नहीं दिया गया। अयोध्या का उदाहरण देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर जमीन घोटाले हुए हैं।

🗿 मूर्तियों के क्षतिग्रस्त होने का आरोप

उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर समेत 151 से ज्यादा मूर्तियां तोड़ी गईं या क्षतिग्रस्त की गईं। अखिलेश ने कहा कि यह संविधान और दलित समाज का अपमान है। उन्होंने वादा किया कि सपा सरकार बनने पर बाबा साहेब का पूरा सम्मान किया जाएगा।

⚖️ चुनाव आयोग और पीडीए समाज

अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग से जुड़े कामों में पीडीए समाज के लोगों को शामिल नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि चुनाव आते-आते इन समाजों को पूरी तरह बाहर कर दिया जाएगा।

सीएम योगी और ओपी राजभर पर हमला

अखिलेश ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने सबसे ज्यादा यात्राएं अपने गृह जनपद गोरखपुर में की हैं। वहीं ओपी राजभर पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पासवर्ड पाने के लिए बारगेनिंग हो रही होगी।

📱 कंटेंट क्रिएटर्स और नौकरियों का मुद्दा

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी लाभ के लिए सरकार कंटेंट क्रिएटर्स को पैसा दे रही है और केवल 900 लोगों को नौकरी दी जा रही है। इसे उन्होंने चुनावी लालच बताया।