गंगा एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी, 107 गांवों का सत्यापन रिपोर्ट यूपीड़ा को भेजी
गंगा एक्सप्रेसवे भूमि अधिग्रहण की तैयारी पूरी
अमरोहा से वाया बिजनौर होते हुए हरिद्वार तक प्रस्तावित ग्रीन फील्ड गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। जिला प्रशासन ने चयनित गांवों का सत्यापन कार्य पूरा कर रिपोर्ट उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीड़ा) को भेज दी है।
यूपीड़ा ने नए एलाइमेंट में जनपद के कुल 105 गांवों को चिन्हित किया था, जिनमें सदर तहसील के 62, चांदपुर के 34 और नजीबाबाद के 11 गांव शामिल हैं। तीन माह पहले इन गांवों का सर्वे कार्य नोएडा की एक कंपनी को सौंपा गया था। सर्वे पूरा होने के बाद जून माह में तहसील स्तर पर राजस्व कर्मियों द्वारा भूमि का सत्यापन कराया गया।
सत्यापन के दौरान ग्राम झाल समेत दो दर्जन से अधिक गांवों में राजस्व रिकॉर्ड और सर्वे रिपोर्ट के बीच भूमि रकबे में अंतर पाया गया। इन त्रुटियों को सुधारने के बाद संबंधित तहसीलों ने संशोधित रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजी। इसके बाद जिला प्रशासन ने संपूर्ण सत्यापन रिपोर्ट यूपीड़ा को प्रेषित कर दी है।
अतिरिक्त तथ्य उजागर
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान यह सामने आया कि एक्सप्रेसवे में 105 के स्थान पर कुल 107 गांव आ रहे हैं। इनमें शरीफपुर बंगर ए और गौसपुर नामक दो गांवों का प्लान यूपीड़ा द्वारा पहले उपलब्ध नहीं कराया गया था। अब इन गांवों को भी अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
आगे की कार्यवाही
जिला प्रशासन की रिपोर्ट मिलने के बाद यूपीड़ा जल्द ही भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू करेगा। किसानों की भूमि के अंश निर्धारण और ग्राम समाज की भूमि के सत्यापन के बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति मिलेगी। इस परियोजना के पूरा होने पर अमरोहा से बिजनौर होते हुए हरिद्वार तक तेज और सुगम यातायात का मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।










