मेरठ-पौड़ी हाईवे-119 पर बारिश का असर: दो स्थानों पर धंसी सड़क, कई जगह कटे किनारे, एनएचएआई ने शुरू कराया मरम्मत कार्य
लगातार हुई बारिश ने मेरठ-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-119) के निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। बहसूमा से बिजनौर तक निर्माणाधीन हाईवे के कई हिस्सों में सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। मीरापुर बाइपास के पास सड़क के किनारे बह गए हैं, जबकि मुजफ्फरनगर के सिखरेहड़ा अंडरपास और बिजनौर में मध्य गंगा नहर फेज-2 के पुल के समीप सड़क धंसने से गहरे गड्ढे बन गए हैं। इन स्थानों पर वाहनों की आवाजाही जारी रहने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने प्रभावित हिस्सों की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि फिलहाल कई स्थानों पर केवल अस्थायी मरम्मत की जा रही है और स्थायी समाधान की आवश्यकता है।
बहसूमा से बिजनौर तक निर्माण अभी भी अधूरा
मेरठ-पौड़ी हाईवे-119 को चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। पहला चरण मेरठ से बहसूमा तक का था, जिसे पहले ही पूरा किया जा चुका है। इसके बाद बहसूमा से बिजनौर तक लगभग 40 किलोमीटर लंबे दूसरे चरण का निर्माण कार्य जारी है।
यह परियोजना 20 मई 2024 को शुरू हुई थी और इसे 19 मई 2026 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित था। लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है। वर्तमान में इस हिस्से का लगभग 60 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। अधिकारियों ने अब परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है।
आठ ओवरब्रिज का निर्माण भी बाकी
बहसूमा से बिजनौर के बीच प्रस्तावित आठ रेलवे एवं सड़क ओवरब्रिजों का निर्माण अभी अधूरा है। निर्माण कार्य धीमी गति से चलने के कारण पूरे हाईवे प्रोजेक्ट की समयसीमा प्रभावित हुई है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण और अन्य तकनीकी कारणों से कार्य प्रभावित हुआ था, हालांकि अब अधिकांश बाधाएं दूर हो चुकी हैं।
बारिश के बाद कई स्थानों पर सड़क को नुकसान
हाल ही में हुई तेज बारिश के बाद हाईवे के कई हिस्सों में क्षति सामने आई है। मीरापुर बाइपास के पास सड़क के किनारे बह जाने से कटाव हो गया है। एनएचएआई ने यहां मिट्टी भरने और किनारों को मजबूत करने का कार्य शुरू कराया है ताकि आगे और नुकसान न हो।
सिखरेहड़ा अंडरपास पर सड़क धंसी
मुजफ्फरनगर जिले के सिखरेहड़ा गांव के पास बने अंडरपास के ऊपर सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा बन गया है। फिलहाल संबंधित एजेंसी ने गड्ढे में मिट्टी से भरे बैग रखकर अस्थायी रूप से रास्ता सुरक्षित करने का प्रयास किया है। इसके बावजूद इस मार्ग पर सामान्य यातायात जारी है, जिससे वाहन चालकों के लिए जोखिम बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द स्थायी मरम्मत नहीं की गई तो लगातार बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।
गंगा बैराज के पास भी सड़क में बना गहरा गड्ढा
बिजनौर क्षेत्र में गंगा बैराज से आगे मध्य गंगा नहर फेज-2 के पुल को जोड़ने वाली सड़क भी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। यहां सड़क का हिस्सा धंसने से गहरा गड्ढा बन गया है, जिसमें नीचे बह रही नहर तक दिखाई देने लगी है। यह स्थिति भारी वाहनों के लिए विशेष रूप से खतरनाक मानी जा रही है।
तीन जिलों से होकर गुजरता है हाईवे
बहसूमा से बिजनौर तक हाईवे-119 का हिस्सा तीन जिलों में फैला हुआ है।
- मेरठ जिले में
- मुजफ्फरनगर जिले में
- बिजनौर जिले में
इनमें से कई हिस्सों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जबकि कुछ स्थानों पर अभी भी निर्माण कार्य जारी है।
भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवाद हुए समाप्त
पिछले कुछ समय से मेरठ, मुजफ्फरनगर और बिजनौर जिलों में भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण को लेकर विवाद चल रहे थे। अधिकारियों के अनुसार अब अधिकांश मामलों का समाधान हो चुका है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
मरम्मत के साथ गुणवत्ता पर भी उठ रहे सवाल
बारिश के कुछ ही दिनों में तैयार और निर्माणाधीन सड़क के कई हिस्सों के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहली ही बारिश में सड़क धंसने और किनारे बहने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, तो परियोजना की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच भी कराई जानी चाहिए।
फिलहाल एनएचएआई प्रभावित स्थानों पर मरम्मत कार्य करा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी क्षतिग्रस्त हिस्सों को सुरक्षित बनाकर यातायात सामान्य रखा जाएगा और शेष निर्माण कार्य को निर्धारित नई समयसीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।







