बिजनौर में जल्द बरसात से राहत, गन्ना और धान की फसल को मिलेगा संजीवनी
🌦️ गर्मी और उमस से राहत की उम्मीद
बिजनौर जिले में पिछले कई दिनों से गर्मी और उमस का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। आमतौर पर इतनी गर्मी के बाद बरसात हो जाती है, लेकिन इस बार मानसून की देरी ने लोगों को परेशान कर दिया है। हल्के-फुल्के बादल तो दिखते हैं, लेकिन उनसे बरसात की कोई उम्मीद नहीं जगती।
🌱 किसानों के लिए बरसात का महत्व
- गन्ना और धान की फसल को पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
- बरसात होने पर खेतों की सिंचाई आसान होगी और किसानों को राहत मिलेगी।
- धान की रोपाई पहले ही शुरू हो चुकी है, लेकिन पर्याप्त पानी न होने से किसान चिंतित हैं।
📅 मानसून की देरी
- जिले में आमतौर पर 15 जून तक मानसून की एंट्री हो जाती है।
- इस बार मानसून काफी लेट है, जिससे गर्मी और उमस का असर बढ़ गया है।
- नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक सतीश कुमार के अनुसार, अगले सप्ताह अच्छी बरसात होने की संभावना है।
🌾 फसलों पर असर
- बरसात से न केवल तापमान गिरेगा बल्कि उमस भी कम होगी।
- गन्ना और धान की फसल को पर्याप्त पानी मिलने से उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।
- किसानों को सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा।
बिजनौर में अगले सप्ताह झमाझम बारिश की उम्मीद जताई जा रही है। इससे गर्मी और उमस से राहत मिलेगी और गन्ना व धान की फसल को संजीवनी मिलेगी। किसानों के लिए यह बरसात बेहद फायदेमंद साबित होगी।






