अमरनाथ यात्रा 2026: पहचान ऐप और QR कोड से सुरक्षा व्यवस्था सशक्त….
AI और RFID तकनीक से होगी अमरनाथ यात्रा की निगरानी, सुरक्षा इंतज़ाम और मज़बूत
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा तैयारियां
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इस साल 3 जुलाई से शुरू होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सुरक्षा इंतज़ामों को और मज़बूत किया है। इस बार सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक का बड़ा योगदान देखने को मिलेगा।
‘पहचान ऐप’ और QR कोड सिस्टम
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यात्रा से जुड़े गाइड, पालकी वालों और टूरिस्ट गाइड के लिए पहचान ऐप लॉन्च किया है।
- सभी अधिकृत लोगों को QR कोड जारी किया गया है।
- यात्रियों और गाइड को अपने मोबाइल में यह ऐप डाउनलोड करना होगा।
- इससे डिजिटल रिकॉर्ड बनेगा और सेवाओं में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
- यात्रियों को केवल वेरिफाइड सर्विस प्रदाताओं से ही संपर्क करने की सुविधा मिलेगी।
आधुनिक तकनीक से सुरक्षा
सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा मार्ग और बेस कैंप पर कई आधुनिक तकनीकें लागू की हैं:
- CCTV निगरानी को बढ़ाया गया है।
- ऊंचे वॉचटावर लगाए गए हैं।
- AI आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम शुरू किया गया है।
- RFID मॉनिटरिंग से यात्रियों की गतिविधियों पर नज़र रखी जाएगी।
स्थानीय लोगों में उत्साह
यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों ने कहा कि यह उनके लिए रोज़गार का बड़ा साधन है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे बिना किसी डर के यात्रा करें। QR कोड सिस्टम से कामकाज सुव्यवस्थित होगा और सभी पक्षों के बीच तालमेल बेहतर बनेगा।
दिल्ली में समीक्षा बैठक
यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 12 जून को नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियों, खुफिया संगठनों और प्रमुख मंत्रालयों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
यह पहल न केवल सुरक्षा को मज़बूत करती है बल्कि यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच भरोसा भी बढ़ाती है। अमरनाथ यात्रा 2026 में तकनीक और परंपरा का संगम देखने को मिलेगा।







