बिजनौर में पुतला दहन को लेकर कांग्रेसियों की पुलिस से नोकझोक, असम के सीएम के बयान के विरोध में कांग्रेसियो ने एसडीएम को दिया ज्ञापन
पुतला छीन कर ले जाने मे कामयाब हुई पुलिस,
पुलिस पर लगाया तानाशाही का आरोप
बिजनौर (चिंगारी)। शुक्रवार को पुलिस ने जिला मुख्यालय पर कांग्रेसियों को असम के मुख्यमंत्री का पुतला नहीं फूंकने दिया। कांग्रेसियों से तीखी नोकझोंक के बाद पुलिस पुतला छीन कर ले गई।बाद में कांग्रेसियों ने नारे बाज़ी करते हुए पार्टी कार्यालय पहुंची एसडीएम को ज्ञापन दिया।
कांग्रेस का यह प्रदर्शन असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस नेतृत्व पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में था।कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा के समर्थन में नारेबाजी करते हुए को पार्टी कार्यालय पर एसडीएम सदर ऋतू रानी ज्ञापन दे कर कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान जिला अध्यक्ष हैनरीता राजीव सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कलेक्ट्रेट पर पुतला दहन किया जाना था, लेकिन इससे पहले ही उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया। उन्होंने बताया कि किसी तरह वे पुलिस को चकमा देकर कांग्रेस कार्यालय पहुंचीं तो वहां भी पहले से पुलिस मौजूद थी। पुलिस ने पुतला दहन नहीं करने दिया।

जिला अध्यक्ष के अनुसार उन्होंने पुलिस से कार्यालय के बाहर पुतला दहन करने की अनुमति मांगी, लेकिन पुलिस ने पुतला छीन लिया और दहन नहीं होने दिया। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को “तानाशाही” बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष हैनरीता राजीव सिंह, पूर्व सांसद ओमवती देवी, शहर अध्यक्ष हुमायूं बेग, पूर्व आईएएस आर.के. सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की टिप्पणियां और रोक-टोक जारी रही, तो पार्टी बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी।








