राजनीतिक टकराव से गरमाया बिजनौर: रोबिन प्रकरण में राजा भारतेंद्र और तालिब भाइयों की भिड़ंत

बिजनौर में रोबिन चौधरी प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। पूर्व सांसद राजा भारतेंद्र सिंह और मो. तालिब व उनके भाइयों के बीच आज जोरदार विवाद हुआ, जिससे जिले की राजनीति और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। यह मामला अब केवल व्यक्तिगत टकराव नहीं रहा, बल्कि बड़े पैमाने पर कार्रवाई और राजनीतिक ध्रुवीकरण का रूप ले रहा है।

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विवाद की पृष्ठभूमि

  • जुलाई 2025 में भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रोबिन चौधरी और स्थानीय व्यापारी मो. खालिद (तालिब परिवार से जुड़े) के बीच भिड़ंत हुई थी।
  • आरोप था कि खालिद और उनके भाइयों ने चौधरी की गाड़ी रोकी, गाली-गलौज की और हथियार दिखाए।
  • इस घटना के बाद प्रशासन ने खालिद परिवार पर कई विभागीय कार्रवाइयाँ शुरू कीं—जैसे अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाना, लाइसेंस निलंबित करना और जुर्माने लगाना

ताज़ा घटनाक्रम

  • 13 अक्टूबर 2025 को विवाद और गहरा गया जब राजा भारतेंद्र सिंह (पूर्व सांसद) और मो. तालिब व उनके भाइयों के बीच तीखी बहस और झड़प हुई।
  • प्रशासन ने बताया कि तालिब भाइयों के तीन क्रेशर सरकारी जमीन पर चल रहे थे, जिन पर नोटिस जारी किया गया है।
  • डीएम जसजीत कौर ने पुष्टि की कि राजस्व टीम गठित कर जांच की जा रही है।
  • इस विवाद में अब राजनीतिक समर्थन भी खुलकर सामने आ रहा है—भारतेंद्र सिंह और उनके समर्थक तालिब परिवार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई

  • राजस्व विभाग ने अवैध कब्जों की जांच शुरू की।
  • पर्यावरणीय उल्लंघनों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
  • हथियार लाइसेंस निलंबन और व्यवसायिक अनियमितताओं पर जुर्माना लगाया गया है।
  • लगातार बुलडोजर कार्रवाई से तालिब परिवार पर दबाव बढ़ रहा है।

राजनीतिक असर

  • यह विवाद भाजपा नेता रोबिन चौधरी और तालिब भाइयों के बीच शुरू हुआ था, लेकिन अब इसमें पूर्व सांसद राजा भारतेंद्र सिंह भी सीधे तौर पर शामिल हो गए हैं।
  • जिले में यह मामला राजनीतिक ध्रुवीकरण का रूप ले रहा है—एक ओर भाजपा समर्थक, दूसरी ओर तालिब परिवार के समर्थक।
  • स्थानीय स्तर पर यह विवाद 2027 के चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।