सीएम योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिए स्मार्टफोन, मानदेय बढ़ाने का किया ऐलान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा तोहफ़ा दिया। राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 69,794 स्मार्टफोन वितरित किए। इसके साथ ही 1,33,282 स्टेडियोमीटर, 10,553 इंफॉण्टोमीटर और 58,237 वजन तौलने की मशीनें भी कार्यकर्ताओं को प्रदान की गईं।

सीएम योगी ने कहा कि स्मार्टफोन से अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का काम और अधिक पारदर्शी व प्रभावी होगा। रियल टाइम डेटा अपलोड होने से राज्य की रैंकिंग में सुधार होगा और बच्चों के पोषण व विकास की निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी।

🗣️ सीएम योगी के प्रमुख बयान

  • पोषाहार वितरण पर हमला: योगी ने कहा कि 2017 से पहले पोषाहार वितरण का ठेका उत्तर भारत के सबसे बड़े शराब माफिया को दिया गया था। गुणवत्ता इतनी खराब थी कि बच्चों को खाने योग्य पोषाहार तक नहीं मिलता था।
  • गरीबों की पीड़ा: उन्होंने कहा कि “जो चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, वे गरीब की पीड़ा को नहीं समझ सकते।”
  • मानदेय बढ़ाने का वादा: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ-साथ कार्यकर्ताओं का मानदेय भी “स्मार्ट” होगा। उन्होंने विभाग को निर्देश दिया है कि जल्द ही सम्मानजनक न्यूनतम मानदेय की गारंटी सुनिश्चित की जाए।
  • आउटसोर्स कर्मियों के लिए कॉर्पोरेशन: योगी ने बताया कि अप्रैल से आउटसोर्स कर्मियों के लिए कॉर्पोरेशन का गठन किया गया है। पहले आउटसोर्स कंपनियां कर्मियों का शोषण करती थीं, लेकिन अब सरकार सीधे उनके हितों की रक्षा करेगी।

🌟 महत्व और प्रभाव

यह पहल न केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगी बल्कि बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं को भी अधिक प्रभावी बनाएगी। स्मार्टफोन और उपकरणों के जरिए डेटा संग्रहण और रिपोर्टिंग आसान होगी, जिससे योजनाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता में सुधार होगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ का यह कदम आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को डिजिटल युग में सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। स्मार्टफोन वितरण और मानदेय बढ़ाने का वादा कार्यकर्ताओं के मनोबल को ऊँचा करेगा और प्रदेश के बच्चों के पोषण व स्वास्थ्य सुधार में अहम भूमिका निभाएगा।