विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान: 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1.70 करोड़ मतदाताओं के नाम हटे

भारतीय निर्वाचन आयोग (EC) ने पिछले साल अक्टूबर 2024 से शुरू किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के तहत मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर बदलाव किए हैं। हाल ही में जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाताओं की संख्या में 1.70 करोड़ से अधिक की कमी दर्ज की गई है।

पृष्ठभूमि

  • SIR प्रक्रिया की शुरुआत 27 अक्टूबर 2024 को हुई थी।
  • उस समय इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 21.45 करोड़ पंजीकृत मतदाता थे।
  • अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद यह संख्या घटकर 19.75 करोड़ रह गई है।

किन राज्यों और प्रदेशों में बदलाव हुआ?

इस सूची में शामिल हैं:

  • गुजरात
  • मध्य प्रदेश
  • राजस्थान
  • छत्तीसगढ़
  • केरल
  • गोवा
  • पुडुचेरी
  • लक्षद्वीप
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

गुजरात में सबसे बड़ी कटौती

गुजरात में सबसे अधिक नाम हटाए गए हैं।

  • कुल 68,12,711 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए।
  • राज्य में मतदाताओं की संख्या 5,08,43,436 से घटकर 4,40,30,725 रह गई।
  • यह लगभग 13.40% की गिरावट है।

अन्य राज्यों की स्थिति

  • मध्य प्रदेश: 34,25,078 नाम हटे, संख्या 5.74 करोड़ से घटकर 5.39 करोड़।
  • राजस्थान: 31.36 लाख की कमी।
  • छत्तीसगढ़: लगभग 24.99 लाख नाम हटे।
  • केरल: 8,97,211 नाम हटे।
  • गोवा: 1,27,468 नाम हटे।

केंद्र शासित प्रदेशों में बदलाव

  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 52,364 नाम हटे।
  • पुडुचेरी: 77,367 नाम हटे।
  • लक्षद्वीप: 206 नाम हटे।

निर्वाचन आयोग का स्पष्टीकरण

निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार यह ‘नेट चेंज’ है। यानी अपात्र मतदाताओं को हटाने के साथ-साथ नए पात्र मतदाताओं को जोड़ा भी गया है।

आगे की प्रक्रिया

  • वर्तमान में SIR अभियान 12 राज्यों में चल रहा है।
  • इनमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु शामिल हैं।
  • इन राज्यों के आंकड़े इसी महीने के अंत तक जारी किए जाने की संभावना है।
  • आयोग ने शेष राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भी तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
  • राष्ट्रव्यापी मतदाता सूची सत्यापन अभियान का अगला चरण अप्रैल 2026 में शुरू होगा।
  • आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची का अद्यतन एक निरंतर प्रक्रिया है। पात्र नागरिक अभी भी सुधार या नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।