UPSC का दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए बड़ा फैसला

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने दिव्यांगजनों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब से UPSC द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं में Persons with Benchmark Disabilities (PwBD) उम्मीदवारों को उनकी पसंद का परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य दिव्यांग अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रक्रिया में अधिक सुविधा और सहजता प्रदान करना है।

क्यों लिया गया यह निर्णय?

  • दिव्यांग उम्मीदवारों को अक्सर परीक्षा देने के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाना पड़ता है, जिससे उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
  • पिछले पाँच वर्षों के परीक्षा केंद्रों के डेटा विश्लेषण में पाया गया कि दिल्ली, कटक, पटना और लखनऊ जैसे प्रमुख केंद्र जल्दी ही अपनी क्षमता सीमा तक पहुँच जाते हैं।
  • इस कारण PwBD उम्मीदवारों को ऐसे केंद्रों पर जाना पड़ता था जहाँ पहुँचना उनके लिए मुश्किल होता था।

नए नियम के तहत क्या होगा?

  • PwBD उम्मीदवारों को आवेदन के समय चुना गया परीक्षा केंद्र ही मिलेगा।
  • यदि किसी परीक्षा केंद्र की क्षमता पूरी हो जाती है, तो वह नॉन-PwBD उम्मीदवारों के लिए बंद कर दिया जाएगा।
  • PwBD उम्मीदवारों के लिए उस केंद्र की क्षमता बढ़ाई जाएगी ताकि उन्हें उनकी पसंद का केंद्र ही मिल सके।

PwBD और नॉन-PwBD उम्मीदवारों के बीच केंद्रों का बंटवारा

  • प्रारंभ में सभी परीक्षा केंद्रों की क्षमता PwBD और नॉन-PwBD दोनों के लिए समान रूप से उपलब्ध होगी।
  • जैसे ही कोई केंद्र अपनी सीमा तक पहुँच जाएगा, वह केवल PwBD उम्मीदवारों के लिए खुला रहेगा।
  • UPSC यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी PwBD उम्मीदवार को उनकी पसंद का केंद्र ही मिले।

UPSC परीक्षाओं का महत्व

UPSC देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं का आयोजन करता है, जिनमें सिविल सेवा परीक्षा (IAS, IPS आदि) प्रमुख है। यह परीक्षा तीन चरणों — Preliminary, Mains और Interview — में आयोजित होती है। UPSC का यह नया कदम दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए परीक्षा प्रक्रिया को अधिक समावेशी और सुविधाजनक बनाएगा।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने दिव्यांगजनों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब से UPSC द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं में Persons with Benchmark Disabilities (PwBD) उम्मीदवारों को उनकी पसंद का परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य दिव्यांग अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रक्रिया में अधिक सुविधा और सहजता प्रदान करना है।

क्यों लिया गया यह निर्णय?

  • दिव्यांग उम्मीदवारों को अक्सर परीक्षा देने के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाना पड़ता है, जिससे उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
  • पिछले पाँच वर्षों के परीक्षा केंद्रों के डेटा विश्लेषण में पाया गया कि दिल्ली, कटक, पटना और लखनऊ जैसे प्रमुख केंद्र जल्दी ही अपनी क्षमता सीमा तक पहुँच जाते हैं।
  • इस कारण PwBD उम्मीदवारों को ऐसे केंद्रों पर जाना पड़ता था जहाँ पहुँचना उनके लिए मुश्किल होता था।

नए नियम के तहत क्या होगा?

  • PwBD उम्मीदवारों को आवेदन के समय चुना गया परीक्षा केंद्र ही मिलेगा।
  • यदि किसी परीक्षा केंद्र की क्षमता पूरी हो जाती है, तो वह नॉन-PwBD उम्मीदवारों के लिए बंद कर दिया जाएगा।
  • PwBD उम्मीदवारों के लिए उस केंद्र की क्षमता बढ़ाई जाएगी ताकि उन्हें उनकी पसंद का केंद्र ही मिल सके।

PwBD और नॉन-PwBD उम्मीदवारों के बीच केंद्रों का बंटवारा

  • प्रारंभ में सभी परीक्षा केंद्रों की क्षमता PwBD और नॉन-PwBD दोनों के लिए समान रूप से उपलब्ध होगी।
  • जैसे ही कोई केंद्र अपनी सीमा तक पहुँच जाएगा, वह केवल PwBD उम्मीदवारों के लिए खुला रहेगा।
  • UPSC यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी PwBD उम्मीदवार को उनकी पसंद का केंद्र ही मिले।

UPSC परीक्षाओं का महत्व

UPSC देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं का आयोजन करता है, जिनमें सिविल सेवा परीक्षा (IAS, IPS आदि) प्रमुख है। यह परीक्षा तीन चरणों — Preliminary, Mains और Interview — में आयोजित होती है। UPSC का यह नया कदम दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए परीक्षा प्रक्रिया को अधिक समावेशी और सुविधाजनक बनाएगा।