इंडिगो संकट गहराया: DGCA ने 4 फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टरों को निलंबित किया, सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर कड़ी कार्रवाई

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों गंभीर परिचालन संकट से गुजर रही है। हालात इतने बिगड़ गए कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा। सुरक्षा मानकों और परिचालन नियमों की अनदेखी के आरोपों के बाद DGCA ने इंडिगो से जुड़े चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कदम उस समय उठाया गया है जब एयरलाइन ने 5 दिसंबर को एक ही दिन में रिकॉर्ड 1,600 उड़ानें रद्द कर दी थीं, जिससे देशभर में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई

DGCA ने स्पष्ट किया है कि निलंबित किए गए चारों अधिकारी फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे और एयरलाइन के परिचालन अनुपालन, सुरक्षा मानकों की निगरानी तथा नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी इन्हीं पर थी। जांच में पाया गया कि इन अधिकारियों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल और परिचालन नियमों को लेकर गंभीर लापरवाही बरती, जिसके चलते इंडिगो के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।

DGCA के अनुसार, एयरलाइन हाल ही में पायलटों और क्रू मेंबर्स की ड्यूटी टाइमिंग से जुड़े नियमों का पालन करने में विफल रही थी। इन नियमों का उद्देश्य उड़ान सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है, क्योंकि अत्यधिक कार्यभार या थकान उड़ान संचालन को जोखिम में डाल सकती है। नियमों के उल्लंघन के कारण बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों के साथ-साथ पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

इंडिगो मुख्यालय पर DGCA की निगरानी शुरू

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए DGCA ने गुरुवार से इंडिगो के मुख्यालय में प्रत्यक्ष निगरानी शुरू कर दी है। DGCA के अधिकारी अब एयरलाइन के फ्लाइट ऑपरेशन, रिफंड प्रक्रिया, समय पर उड़ान संचालन और यात्रियों को मुआवजा देने जैसी गतिविधियों पर रोजाना रिपोर्ट तैयार करेंगे।

DGCA ने यह भी स्पष्ट किया है कि एयरलाइन द्वारा रद्द की गई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यात्रियों को समय पर रिफंड दिया जा रहा है या नहीं, इसकी भी बारीकी से जांच की जाएगी। इसके लिए DGCA के दो वरिष्ठ अधिकारियों—एक सांख्यिकी अधिकारी और एक उप निदेशक—को इंडिगो के कॉरपोरेट कार्यालय में तैनात किया गया है।

इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स को तलब

मामले की गंभीरता को देखते हुए DGCA ने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स को शुक्रवार को पेश होने के लिए तलब किया है। उनसे एयरलाइन में उत्पन्न व्यापक परिचालन व्यवधानों के मूल कारणों पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

DGCA ने इस संकट की जांच के लिए चार सदस्यीय उच्चस्तरीय पैनल का गठन किया है, जिसमें संयुक्त महानिदेशक संजय ब्रह्मणे, उप महानिदेशक अमित गुप्ता, वरिष्ठ उड़ान संचालन निरीक्षक कपिल मंगलिक और लोकेश रामपाल शामिल हैं। यह पैनल इंडिगो के परिचालन में आई गड़बड़ियों के मूल कारणों की पहचान करेगा और सुधारात्मक कदम सुझाएगा।

देशभर के 11 एयरपोर्ट पर DGCA का निरीक्षण अभियान

DGCA ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देश के 11 प्रमुख घरेलू हवाई अड्डों पर इंडिगो के संचालन का तत्काल निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। इन अधिकारियों को अगले दो से तीन दिनों में अपने-अपने निर्धारित एयरपोर्ट का दौरा करना होगा और निरीक्षण के 24 घंटे के भीतर DGCA के उड़ान सुरक्षा विभाग को विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी।

इस निरीक्षण का उद्देश्य यह समझना है कि इंडिगो की परिचालन प्रणाली में कहाँ-कहाँ खामियाँ हैं और किन कारणों से इतनी बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

स्थिति सामान्य होने का दावा, लेकिन सवाल बरकरार

इंडिगो ने मंगलवार को दावा किया था कि उसका परिचालन अब स्थिर हो गया है और उड़ानें सामान्य स्तर पर लौट आई हैं। हालांकि, DGCA की कड़ी कार्रवाई और व्यापक जांच से यह स्पष्ट है कि नियामक संस्था एयरलाइन के दावों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।

पिछले सप्ताह से देशभर में हजारों उड़ानें रद्द होने से यात्रियों में भारी नाराजगी है। कई यात्रियों को अंतिम समय में यात्रा योजनाएँ बदलनी पड़ीं, होटल बुकिंग रद्द करनी पड़ीं और अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा।