1 दिसंबर से लागू हुए बड़े वित्तीय बदलाव, जानें किन चीजों पर पड़ेगा असर
साल का आखिरी महीना यानी दिसंबर 2025 शुरू हो चुका है और इसके साथ ही कई बड़े वित्तीय बदलाव लागू हो गए हैं। ये बदलाव सीधे तौर पर आम जनता, करदाताओं और निवेशकों की जेब पर असर डालेंगे। कुछ फैसले राहत देने वाले हैं, तो कुछ ऐसे हैं जिनकी डेडलाइन मिस करने पर भारी नुकसान या पेनाल्टी का सामना करना पड़ सकता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि 1 दिसंबर से कौन-कौन से बदलाव लागू हुए हैं और इस महीने किन कार्यों की अंतिम तिथि है।
🛢️ एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती
1 दिसंबर 2025 से तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹10 की कटौती की है।
- दिल्ली में 19 किलो का सिलेंडर अब ₹1580.50 में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत ₹1590.50 थी।
- घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इस फैसले से होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों को राहत मिलेगी क्योंकि उनकी लागत कम होगी। वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं को अभी इंतजार करना होगा कि क्या आने वाले महीनों में उनके सिलेंडर की कीमतों में भी कमी होगी।
🏦 SBI ने बंद की mCASH सर्विस
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 1 दिसंबर 2025 से अपनी mCASH सर्विस को बंद कर दिया है।
- अब ग्राहक OnlineSBI और YONO Lite पर mCASH के जरिए पैसे भेज या क्लेम नहीं कर पाएंगे।
- SBI ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे UPI, IMPS, NEFT और RTGS जैसे सुरक्षित और व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले डिजिटल पेमेंट विकल्पों का उपयोग करें।
इस बदलाव का असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो बिना बेनिफिशियरी रजिस्ट्रेशन के mCASH के जरिए फंड ट्रांसफर करते थे। अब उन्हें नए विकल्पों पर स्विच करना होगा।
👥 NPS से UPS में स्विच करने का विकल्प खत्म
सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में स्विच करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2025 तय की थी।
- 1 दिसंबर से यह विकल्प बंद हो गया है।
- UPS में टैक्स छूट, इस्तीफे और कम्पलसरी रिटायरमेंट के लिए बेहतर प्रावधान जैसे फायदे शामिल हैं।
- खास बात यह है कि UPS चुनने वालों के पास बाद में NPS में वापस स्विच करने की सुविधा बनी रहेगी।
इस बदलाव का असर मुख्य रूप से सेंट्रल गवर्नमेंट कर्मचारियों और पहले से रिटायर हो चुके लोगों पर पड़ेगा। जिन्होंने समय पर स्विच नहीं किया, वे अब UPS का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
🆔 आधार-पैन लिंकिंग की अंतिम तिथि
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन व्यक्तियों ने 1 अक्टूबर 2024 या उससे पहले आधार कार्ड प्राप्त किया है, उन्हें 31 दिसंबर 2025 तक पैन को आधार से लिंक करना अनिवार्य है।
- यदि इस तिथि तक लिंकिंग नहीं की गई, तो पैन कार्ड निष्क्रिय हो जाएगा।
- निष्क्रिय पैन कार्ड से बैंकिंग ट्रांजैक्शन्स, आयकर रिटर्न दाखिल करने और अन्य वित्तीय सेवाओं में दिक्कतें आएंगी।
यह डेडलाइन करदाताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। समय पर लिंकिंग करने से भविष्य में किसी भी असुविधा और पेनाल्टी से बचा जा सकता है।
📈 बीएसई इंडेक्स में बड़ा फेरबदल
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने दिसंबर 2025 में अपने प्रमुख सूचकांकों में बदलाव की घोषणा की है।
- 22 दिसंबर 2025 से इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) को सेंसेक्स में शामिल किया जाएगा।
- वहीं, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स को सेंसेक्स से बाहर कर दिया जाएगा।
इसके अलावा BSE 100 और BSE Bankex इंडेक्स में भी कुछ कंपनियों को शामिल और बाहर किया जाएगा।
- यह बदलाव निवेशकों की भावनाओं और बाजार की दिशा पर असर डाल सकता है।
- खासकर उन निवेशकों के लिए यह अहम है जो इंडेक्स-लिंक्ड फंड्स या ETFs में निवेश करते हैं।
📑 आयकर रिटर्न फाइलिंग की अंतिम तिथि
करदाताओं के लिए दिसंबर का सबसे बड़ा काम है बिलेटेड और रिवाइज्ड आयकर रिटर्न फाइल करना।
- FY 2024–25 के लिए बिलेटेड या रिवाइज्ड ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 है।
- बिलेटेड रिटर्न तब दाखिल किया जा सकता है जब मूल तारीख चूक जाए। इसमें लेट फीस लगेगी:
- ₹5,000 तक (यदि आय ₹5 लाख से कम है तो ₹1,000)।
- रिवाइज्ड रिटर्न उन करदाताओं के लिए है जिन्होंने पहले दाखिल किए गए रिटर्न में गलती की है।
यदि इस तिथि तक रिटर्न दाखिल नहीं किया गया, तो बाद में केवल अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) दाखिल किया जा सकता है, जिसमें अधिक पेनल्टी टैक्स और ब्याज लगेगा। इसलिए करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे 31 दिसंबर से पहले ही अपना रिटर्न दाखिल कर दें।
निष्कर्ष
दिसंबर 2025 आम जनता और निवेशकों के लिए बेहद अहम महीना है।
- एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कमी से राहत मिली है।
- SBI की mCASH सर्विस बंद होने से ग्राहकों को नए डिजिटल विकल्प अपनाने होंगे।
- NPS से UPS में स्विच करने का मौका खत्म हो गया है।
- आधार-पैन लिंकिंग की डेडलाइन नजदीक है।
- BSE इंडेक्स में बदलाव निवेशकों के पोर्टफोलियो को प्रभावित कर सकते हैं।
- और सबसे महत्वपूर्ण, आयकर रिटर्न फाइलिंग की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है।
इन सभी बदलावों और डेडलाइनों का पालन करना जरूरी है ताकि आप वित्तीय नुकसान और पेनाल्टी से बच सकें।








