यूपी के सभी टाइगर रिजर्व और इको टूरिज्म स्थलों की बुकिंग होगी ऑनलाइन, एक ही वेबसाइट से मिलेगी सफारी की सुविधा
उत्तर प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई व्यवस्था की तैयारी, अमानगढ़ और रानीपुर टाइगर रिजर्व में भी शुरू होगी ऑनलाइन बुकिंग, पर्यटकों को जिप्सी की उपलब्धता और सफारी के समय की मिलेगी जानकारी।
लखनऊ/बिजनौर। उत्तर प्रदेश में जंगल सफारी और वन्यजीव पर्यटन का आनंद लेने वाले पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश के टाइगर रिजर्व, वन्यजीव अभयारण्यों और अन्य इको टूरिज्म स्थलों की बुकिंग के लिए एकीकृत ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की जा रही है। इसके तहत पर्यटक एक ही वेबसाइट के माध्यम से सफारी और पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं की बुकिंग कर सकेंगे। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले पर्यटकों को पहले से योजना बनाने में आसानी होगी और मौके पर जिप्सी उपलब्ध न होने या सफारी का समय समाप्त हो जाने जैसी परेशानियों से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश के चारों टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। अब तक कुछ टाइगर रिजर्व में ही ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था थी, जबकि अमानगढ़ और रानीपुर में पर्यटकों को ऑफलाइन बुकिंग पर निर्भर रहना पड़ता था। एकीकृत पोर्टल के माध्यम से पर्यटक अपनी यात्रा से पहले उपलब्धता, सफारी की शिफ्ट और निर्धारित समय की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
अमानगढ़ और रानीपुर में भी ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा
बिजनौर जिले में स्थित अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी शुरू होने के बाद से ही ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे थे। हालांकि, अब तक पर्यटकों को यहां सफारी के लिए ऑफलाइन व्यवस्था का सहारा लेना पड़ता था। इसी तरह चित्रकूट स्थित रानीपुर टाइगर रिजर्व में भी ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा नहीं थी।
ऑफलाइन व्यवस्था के कारण कई बार पर्यटकों को मौके पर जिप्सी उपलब्ध नहीं हो पाती थी। वहीं, सफारी की निर्धारित अवधि समाप्त होने के कारण भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से पर्यटक यात्रा पर निकलने से पहले ही बुकिंग कर सकेंगे और अपने कार्यक्रम के अनुसार सफारी की योजना बना सकेंगे।
अमानगढ़ में सुबह और शाम चलती हैं पांच-पांच जिप्सियां
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के लिए प्रतिदिन सुबह और शाम दो शिफ्ट निर्धारित हैं। प्रत्येक शिफ्ट में पांच-पांच जिप्सियां संचालित की जाती हैं। ऐसे में पर्यटकों की संख्या और जिप्सियों की उपलब्धता के आधार पर सफारी की योजना बनाना जरूरी होता है।
ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने से पर्यटकों को उपलब्ध स्लॉट के अनुसार अपनी यात्रा तय करने में सुविधा होगी। इससे खासकर उन लोगों को फायदा मिल सकता है, जो दूसरे जिलों या राज्यों से अमानगढ़ घूमने आते हैं और पहले से सफारी की पुष्टि करना चाहते हैं।
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में सफारी की शुरुआत के बाद कम समय में ही देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा विदेशों से भी पर्यटक पहुंच चुके हैं। ऐसे में ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा यहां आने वाले पर्यटकों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
इस वेबसाइट से होगी ऑनलाइन बुकिंग
उत्तर प्रदेश में इको टूरिज्म से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और स्थलों की बुकिंग के लिए पर्यटक आधिकारिक पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं।
वेबसाइट: https://upecotourism.in/
इस पोर्टल के माध्यम से टाइगर रिजर्व के अलावा इटावा लायन सफारी, वन्यजीव अभयारण्यों, पक्षी विहारों और चिड़ियाघरों से जुड़ी बुकिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है। बुकिंग के दौरान निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, टाइगर रिजर्व के लिए ऑनलाइन बुकिंग अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू करने की तैयारी है। इससे पर्यटक एक ही पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न वन्यजीव पर्यटन स्थलों की यात्रा की योजना बना सकेंगे।
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू हो सकती है बुकिंग
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में अगले सत्र की जंगल सफारी के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू करने की तैयारी की जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में वेबसाइट के माध्यम से बुकिंग शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, बुकिंग की वास्तविक शुरुआत और उपलब्ध स्लॉट की पुष्टि पर्यटकों को आधिकारिक पोर्टल पर करनी चाहिए।
डीएफओ जय सिंह कुशवाहा के अनुसार, एक ही वेबसाइट से बुकिंग की सुविधा मिलने पर पर्यटक उत्तर प्रदेश के विभिन्न वन्यजीव विहारों और इको टूरिज्म स्थलों की यात्रा की योजना बना सकेंगे। इससे पर्यटन प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पर्यटकों को अलग-अलग स्थानों की बुकिंग के लिए अलग-अलग माध्यमों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही, सफारी की उपलब्धता और समय की जानकारी पहले मिलने से यात्रा की योजना बनाना भी आसान होगा।









