बिजनौर में फाइनेंस किस्त के नाम पर अवैध वसूली का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार…
बिजनौर। जिले में फाइनेंस की बकाया किस्तों के नाम पर वाहन चालकों से कथित तौर पर अवैध वसूली और लूट करने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी मोबाइल ऐप के जरिए फाइनेंस वाले वाहनों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद वाहन चालकों को रास्ते में रोककर बकाया किस्त का हवाला देते हुए रुपये मांगते और पैसे नहीं देने पर वाहन छीनकर ले जाने की धमकी देते थे। मामले में नगीना थाना पुलिस ने स्वाट और सर्विलांस टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई की है।
रेपो ऐप से जुटाते थे वाहनों की जानकारी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी रेपो ऐप के माध्यम से उन वाहनों की जानकारी प्राप्त करते थे, जिनकी फाइनेंस किस्तें बकाया थीं। इस जानकारी के आधार पर वे वाहन स्वामियों को रोककर कथित तौर पर वसूली करते थे। आरोप है कि रकम नहीं मिलने पर आरोपी नकदी और वाहन छीनकर ले जाते थे। पुलिस इस मामले को फाइनेंस वाहनों की अवैध रिकवरी और जबरन वसूली से जुड़ा मामला मानकर जांच कर रही है।
पीड़ित से मांगे थे 56 हजार रुपये
मामले की शुरुआत नगीना निवासी खालिद की शिकायत से हुई। शिकायत के अनुसार, 13 अक्टूबर को बिप्पू, अनुराग और उनके दो अन्य साथियों ने उनकी मोटरसाइकिल रोक ली। आरोपियों ने उनसे 56 हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता के मुताबिक, रकम देने से इनकार करने पर आरोपियों ने उनसे 5,500 रुपये नकद और स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल छीन ली।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिप्पू, अनुराग सक्सेना, पुष्पेंद्र और आकाश के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से शिकायतकर्ता की छीनी गई मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
हरिद्वार में जमा कराते थे वाहन
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे इस तरह छीने गए वाहनों को हरिद्वार स्थित अजय एसोसिएट्स में जमा कराते थे। पुलिस इस संबंध में भी आवश्यक जांच और कानूनी कार्रवाई कर रही है, ताकि वाहन बरामदगी से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके।
बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज
पुलिस के अनुसार, इस मामले में मुकदमा अपराध संख्या 312/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 309(4), 308(2), 352 और 126(2) में कार्रवाई की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी स्वाट, सर्विलांस और थाना नगीना पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
एसपी के.के. बिश्नोई के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
पुलिस की अपील: वाहन स्वामियों को किसी भी व्यक्ति द्वारा फाइनेंस की बकाया किस्त के नाम पर धमकाने या जबरन वाहन ले जाने की स्थिति में संबंधित फाइनेंस कंपनी से आधिकारिक पुष्टि करनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को सूचना देनी चाहिए। किसी निजी व्यक्ति को बिना उचित अधिकार और वैधानिक प्रक्रिया के वाहन या नकदी सौंपने से पहले उसकी पहचान और अधिकार की पुष्टि करना जरूरी है।









