बिजनौर में किसानों का प्रदर्शन: बैरिकेडिंग हटाकर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े भाकियू लोकशक्ति के कार्यकर्ता, पुलिस से तीखी नोकझोंक
बिजनौर (चिंगारी)। बिजनौर में किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) लोकशक्ति के कार्यकर्ताओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। जिला मुख्यालय पर अपनी मांगों को लेकर पहुंचे किसान जब कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की। हालांकि, प्रदर्शनकारी किसानों ने बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ना जारी रखा। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच तीखी बहस, धक्का-मुक्की और टकराव की स्थिति बनी रही।
नुमाइश ग्राउंड चौक पर बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़े किसान
जानकारी के अनुसार, भाकियू लोकशक्ति के कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष वीर सिंह के नेतृत्व में ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे थे। किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट की ओर कूच कर रहे थे। नुमाइश ग्राउंड चौक पर पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगा रखी थी।
प्रदर्शनकारी किसानों ने पुलिस की रोक के बावजूद बैरिकेडिंग हटा दी और उसे एक तरफ फेंकते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिसकर्मियों और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठियां भी फटकारीं, लेकिन किसान आगे बढ़ते रहे।

गन्ना समिति के सामने फिर रोका गया काफिला
नुमाइश ग्राउंड चौक से आगे बढ़ रहे किसानों को पुलिस ने गन्ना समिति के सामने एक बार फिर रोकने का प्रयास किया। यहां दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस किसानों को आगे बढ़ने से रोकने में जुटी रही, जबकि प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट तक पहुंचने पर अड़े रहे।
इस घटनाक्रम के चलते पुलिस प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई। इससे पहले जिला बार एसोसिएशन की न्याय यात्रा के दौरान भी वकीलों द्वारा बैरिकेडिंग हटाकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करने की घटना सामने आई थी। इसके बाद किसानों के प्रदर्शन ने प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे किसान
भाकियू लोकशक्ति के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ बिजनौर जिला मुख्यालय पहुंचे थे। संगठन की ओर से किन मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था, इस संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी।
समाचार लिखे जाने तक किसानों और पुलिस के बीच तकरार जारी थी। प्रदर्शन का आगे क्या रुख रहेगा और प्रशासन किसानों से बातचीत कर उनकी मांगों पर क्या कदम उठाएगा, इस पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी था।










