राम मंदिर दान चोरी मामले पर सीएम योगी का बड़ा बयान
अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी के विवाद पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि मंदिर में भक्तों के चढ़ावे को लूटने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले की जांच के लिए गठित SIT पूरी गति से काम कर रही है और जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
SIT जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है
सीएम योगी ने कहा कि अपराधी चाहे कितना भी बड़ा या रसूखदार क्यों न हो, सबका हिसाब होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर किसी के पास इस मामले से जुड़े सबूत हैं तो वे बिना डर के SIT को उपलब्ध कराएं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अयोध्या को बदनाम करने वालों और राम भक्तों को गुमराह करने वालों से सतर्क रहें।
हीरे जड़ित हार और चरण पादुका पर सवाल
जांच के दौरान SIT ने मंदिर में भगवान को पहनाए गए हीरे जड़ित हार और चरण पादुका को लेकर पूछताछ की है।
- पुजारी ने बताया कि पूजा के बाद ये आभूषण टिन्नू यादव को वापस कर दिए गए।
- टिन्नू यादव ने कहा कि उसने इन्हें कृष्ण देव तिवारी उर्फ केडी तिवारी को सौंप दिया।
- लेकिन केडी तिवारी का दावा है कि उन्हें न तो हार और चरण पादुका मिले और न ही सोने की ईंट या कोई रसीद।
इस गोलमोल जवाब ने जांच को और पेचीदा बना दिया है। SIT अब इस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
योगी आदित्यनाथ ने पहली बार इस विवाद पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में दान चोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। यह बयान अयोध्या में उनके दौरे से पहले आया है, जिससे साफ है कि सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।







