चक्रवात ‘अर्नब’ का कई राज्यों में असर, यूपी-बिहार से झारखंड तक भारी बारिश की चेतावनी…

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश की आशंका जताई है। वहीं, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सहित उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और खराब मौसम को लेकर चेतावनी दी गई है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

कमजोर पड़ रहा चक्रवाती तूफान, फिर भी कई राज्यों में खतरा

मौसम संबंधी पूर्वानुमान के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ की तीव्रता में कमी आने लगी है। हालांकि, इसके कमजोर होने के बावजूद कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की आशंका है।

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान यह मौसम प्रणाली उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकती है। इसके बाद इसकी तीव्रता में और कमी आने तथा चक्रवाती परिसंचरण से गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना जताई गई है। इस बदलाव का असर मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है।

यूपी और बिहार में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना

चक्रवात के प्रभाव से उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। बिहार के कुछ हिस्सों में भी इसी तरह का मौसम रह सकता है।

लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर यातायात संबंधी परेशानियां पैदा होने की आशंका है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी बिगड़ेगा मौसम

झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ओडिशा के आंतरिक इलाकों में भी कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। इसके अलावा पूर्वी विदर्भ और तटीय आंध्र प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।

पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ इलाकों में भी तेज बारिश हो सकती है।

इन क्षेत्रों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। विशेष रूप से निचले इलाकों, ग्रामीण सड़कों और जलभराव की आशंका वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

किन राज्यों में ऑरेंज और येलो अलर्ट?

मौसम संबंधी रिपोर्ट में ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा के लिए ऑरेंज अलर्ट का उल्लेख किया गया है। दिल्ली और महाराष्ट्र सहित कुछ अन्य क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।

ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि मौसम के गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने और आवश्यक तैयारी करने की जरूरत है। वहीं, येलो अलर्ट संभावित खराब मौसम के प्रति सावधान रहने का संकेत देता है। अलग-अलग जिलों में चेतावनी का स्तर और उसका समय बदल सकता है, इसलिए स्थानीय पूर्वानुमान देखना जरूरी है।

31 अक्टूबर तक तेज हवाओं और बारिश का असर

मौसम विभाग के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार, 29 से 31 अक्टूबर के बीच बिहार, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में तेज हवाएं चल सकती हैं।

इन क्षेत्रों में हवा की गति सामान्य तौर पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर झोंकों की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने से पेड़ों की शाखाएं टूटने, अस्थायी संरचनाओं को नुकसान पहुंचने तथा बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।

खराब मौसम में इन बातों का रखें ध्यान

चक्रवात के प्रभाव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करें।
  • आंधी-तूफान के दौरान खुले मैदान, पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें।
  • तेज बारिश के दौरान जलभराव वाली सड़कों और उफनते नालों को पार करने से बचें।
  • बिजली चमकने के समय खुले स्थानों में रुकने के बजाय सुरक्षित इमारत में शरण लें।
  • किसानों और यात्रियों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।

कई राज्यों में सतर्कता जरूरी

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कमजोर पड़ने के बावजूद इसके प्रभाव से देश के मध्य, पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में मौसम अस्थिर बना रह सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा सहित कई राज्यों में भारी बारिश की आशंका के बीच लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी यात्रा या बाहरी गतिविधि से पहले अपने जिले का ताजा मौसम पूर्वानुमान और प्रशासन की एडवाइजरी जरूर जांचें।