कलेक्ट्रेट में धरना-प्र्दर्शन पर रोक के आदेश की पहले ही दिन धज्जियाँ उड़ी…

भारतीय किसान संघ ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन, प्रशासनिक आदेशों के अनुपालन पर उठे सवाल

आदेश के पहले ही दिन धरना-प्रदर्शन

बिजनौर में डीएम उमेश प्रताप सिंह द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर को धरना-प्रदर्शन के लिए निषिद्ध क्षेत्र घोषित करने का आदेश जारी किया गया था। लेकिन इस आदेश की घोषणा के 24 घंटे के भीतर ही इसकी धज्जियां उड़ गईं। भारतीय किसान संघ ने किसानों की समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

किसानों की समस्याओं पर जोर

भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासनिक आदेशों को दरकिनार करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में शांतिपूर्ण धरना दिया। किसानों का कहना था कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, वे अपनी आवाज़ बुलंद करते रहेंगे।

प्रशासनिक आदेशों पर उठे सवाल

कलेक्ट्रेट परिसर को निषिद्ध क्षेत्र घोषित करने के बावजूद प्रदर्शन होने से प्रशासनिक आदेशों की गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि आदेशों का पालन पहले ही दिन नहीं हो पाया, तो आगे इसकी प्रभावशीलता पर संदेह बना रहेगा।

ज्ञापन सौंपा गया

धरना-प्रदर्शन के बाद भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें किसानों की समस्याओं, फसल मूल्य निर्धारण, सिंचाई सुविधाओं और कृषि से जुड़ी अन्य मांगों को शामिल किया गया।