जौहर यूनिवर्सिटी मामले में आज़म ख़ान के 10 ठिकानों पर ईडी की बड़ी कार्रवाई
रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में छापेमारी
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार सुबह से ही तलाशी अभियान शुरू किया।
- ईडी की टीमों ने रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की।
- यह कार्रवाई जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस के सिलसिले में की जा रही है।
- ईडी ने यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत की है।
आरोप और जांच का दायरा
जांच एजेंसी के मुताबिक, सरकारी कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े फंड को प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर्स के जरिए दूसरी जगह लगाया गया और बाद में इनका इस्तेमाल यूनिवर्सिटी व ट्रस्ट की संपत्ति बनाने में किया गया।
- कॉन्ट्रैक्टर्स और ट्रस्ट के बीच पैसों के लेन-देन के सबूत मिले हैं।
- भारी डोनेशन और कंस्ट्रक्शन कार्यों में इन फंड्स का इस्तेमाल किया गया।
- तलाशी का मकसद अपराध से हुई कमाई, वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेज़ और डिजिटल सबूतों को खोजना है।
🏛️ जौहर यूनिवर्सिटी पर कानूनी संकट
पिछले कुछ दिनों से यूनिवर्सिटी कानूनी पेच में फंसी हुई है।
- रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने इसकी 40 में से 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया था।
- हालांकि, मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट ने इस पर अंतरिम रोक लगा दी है।
- कोर्ट में अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।
📑 ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द
यूनिवर्सिटी चलाने वाले मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन टैक्स विभाग ने नियमों के उल्लंघन के चलते रद्द कर दिया है।
- 17 जून को पहला नोटिस जारी हुआ था।
- 23 जून को दूसरा नोटिस भेजा गया, जिसमें ट्रस्ट को अपना स्टेटस बदलकर एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स करने का आदेश दिया गया।
ईडी की छापेमारी से यह साफ है कि जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेन-देन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कोर्ट में सुनवाई और ईडी की जांच से आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा तय होगी।







