जेवर एयरपोर्ट से पहली उड़ान: किसानों के सपनों को मिला पंख

25 साल पुराने सपने का साकार होना

उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित जेवर एयरपोर्ट से 15 जून 2026 को पहली कमर्शियल फ्लाइट ने उड़ान भरी। यह क्षण केवल एक हवाई अड्डे की शुरुआत नहीं था, बल्कि प्रदेश के विकास और किसानों के योगदान का प्रतीक भी था।

जेवर एयरपोर्ट का सपना लगभग 25 साल पुराना है। इस परियोजना का शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को हुआ था और करीब पांच साल की मेहनत के बाद 28 मार्च 2026 को इसका उद्घाटन किया गया। इसके बाद 15 जून को पहली उड़ान ने इस सपने को वास्तविकता में बदल दिया।

सुबह 7:58 बजे इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट लखनऊ से जेवर एयरपोर्ट पर उतरी। विमान का स्वागत वाटर जेट से किया गया। इसके थोड़ी ही देर बाद 8:19 बजे जेवर से लखनऊ के लिए पहली उड़ान रवाना हुई। इस विमान में 172 किसान शामिल थे जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी।

🌾 किसानों का योगदान और सम्मान

जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह इन किसानों को लेकर लखनऊ पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनसे मुलाकात की। सीएम योगी ने किसानों को याद दिलाया कि शुरुआत में वे जमीन देने को तैयार नहीं थे, लेकिन संवाद और विश्वास के जरिए उन्हें मनाया गया।

योगी ने कहा कि यह एयरपोर्ट किसानों की तकदीर बदलने वाला है। उन्होंने किसानों से कहा था कि विकास का मॉडल दिखाने का समय है। जो अवसर का लाभ उठाता है, इतिहास उसी का बनता है। किसानों ने उस समय विश्वास जताया और आज उसी का परिणाम है कि 13,000 एकड़ से अधिक भूमि पर चार चरणों में एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है।

🏗️ एयरपोर्ट का निर्माण और चरणबद्ध विकास

  • शिलान्यास: 25 नवंबर 2021
  • उद्घाटन: 28 मार्च 2026
  • पहली उड़ान: 15 जून 2026

एयरपोर्ट का पहला चरण पूरा हो चुका है और अब यह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में देश के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार हो गया है। आने वाले वर्षों में इसके अन्य चरण भी पूरे होंगे, जिससे यह एशिया के सबसे व्यस्त और आधुनिक एयरपोर्ट्स में शामिल होगा।

🗣️ सीएम योगी का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा:

  • “डबल इंजन सरकार जो बोलती है, करके दिखाती है।”
  • “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा और किसानों के योगदान से आज जेवर एयरपोर्ट से उड़ान शुरू हुई है।”
  • “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का अभियान आगे बढ़ता रहेगा।”

उन्होंने किसानों को अन्नदाता बताते हुए उनका अभिनंदन किया और प्रदेशवासियों को बधाई दी।

🚀 महत्व और संभावनाएं

जेवर एयरपोर्ट का महत्व केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। यह दिल्ली-एनसीआर के हवाई यातायात का दबाव कम करेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की विमानन क्षमता को नई ऊंचाई देगा।

  • आर्थिक प्रभाव: एयरपोर्ट से रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे।
  • किसानों की भूमिका: भूमि देने वाले किसानों को सम्मान और विकास का हिस्सा बनाया गया।
  • पर्यटन और व्यापार: एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

जेवर एयरपोर्ट से पहली उड़ान केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं थी, बल्कि यह किसानों के योगदान, सरकार की प्रतिबद्धता और प्रदेश के विकास का प्रतीक है। यह एयरपोर्ट आने वाले समय में उत्तर भारत की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना को नई दिशा देगा।