वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सूर्यमणि रघुवंशी को मिला डॉ. रामस्वरूप आर्य स्मृति सम्मान, साहित्यकारों ने किया विभूतियों का स्मरण

जैन धर्मशाला में आयोजित श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह में विद्वानों ने डॉ. रामस्वरूप आर्य के व्यक्तित्व और कृतित्व को किया याद, युवा पीढ़ी में साहित्य के प्रति रुचि जगाने पर दिया जोर

बिजनौर। डॉ. रामस्वरूप आर्य स्मृति हिन्दी शोध संस्थान की ओर से डॉ. रामस्वरूप आर्य एवं हरप्यारी देवी के पुण्य स्मरण में जैन धर्मशाला के सभागार में श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वयोवृद्ध साहित्यकार वैद्य रमेश चन्द्र शास्त्री ने की। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद शर्मा मुख्य अतिथि तथा प्रसिद्ध साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ. पंकज भारद्वाज विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. रामस्वरूप आर्य एवं हरप्यारी देवी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित साहित्यकारों और गणमान्य व्यक्तियों ने दोनों विभूतियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके योगदान का स्मरण किया।

समारोह के दौरान सांध्य दैनिक चिंगारी के संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सूर्यमणि रघुवंशी को पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के सम्मानस्वरूप डॉ. रामस्वरूप आर्य स्मृति सम्मान प्रदान किया गया। शोध संस्थान के अध्यक्ष डॉ. चन्द्र प्रकाश आर्य, उपाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमारी तथा सचिव रवि प्रकाश आर्य ने सम्मान पत्र और अंगवस्त्र भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।

सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. सूर्यमणि रघुवंशी ने डॉ. रामस्वरूप आर्य के साथ अपने आत्मीय संबंधों और उनसे प्राप्त प्रेरणा को साझा किया। उन्होंने कहा कि डॉ. रामस्वरूप आर्य जितने विद्वान थे, उतने ही विनम्र भी थे। उनका छात्र होने का उन्हें गर्व है। उन्होंने कहा कि नगर में इस प्रकार के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी को अच्छे संस्कार मिलें और उनमें पुस्तकों के अध्ययन तथा साहित्य के प्रति रुचि विकसित हो।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में वैद्य रमेश चन्द्र शास्त्री ने डॉ. रामस्वरूप आर्य की विद्वता और विनम्रता की सराहना करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने उनके व्यक्तित्व को स्मरण करते हुए साहित्यिक एवं वैचारिक परंपराओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में साहित्यिक अभिव्यक्तियों का भी सुंदर समावेश रहा। वरिष्ठ साहित्यकार कृष्ण कुमार पाठक और डॉ. संतोष कुमारी ने काव्य पाठ प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुतियों ने समारोह को साहित्यिक रंग प्रदान किया और उपस्थित लोगों को भाव-विभोर किया।

इस अवसर पर डॉ. नरेश अग्रवाल, डॉ. राजहंस गुप्ता, डॉ. दिग्विजय चौधरी, डॉ. ओ.पी. सिंह, पूर्व प्राचार्या डॉ. विदुषी भारद्वाज, चौधरी प्रीतम सिंह, विपिन भारद्वाज, गिरधारी लाल खन्ना, मास्टर सुधीर राजपूत, अनिल सक्सेना एडवोकेट, राकेश आर्यन, राजीव खंडेलवाल सहित अनेक साहित्यकार, पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह ने साहित्यिक परंपराओं के संरक्षण, विद्वानों के योगदान के सम्मान और नई पीढ़ी को अध्ययन एवं साहित्य से जोड़ने का संदेश दिया।