परमिंदर झोटा की हत्या के पांचवें दिन परिवार से मिले SGPC अध्यक्ष, सिख म्यूजियम में तस्वीर लगाने का ऐलान
मानसा (पंजाब): पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के पांचवें दिन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह धनौला पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। इस दौरान दोनों ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर उन्हें सांत्वना दी। SGPC अध्यक्ष और जत्थेदार ने मानसा के सरकारी अस्पताल में भर्ती हमले में घायल दो लोगों का भी हालचाल जाना।
परिवार से मुलाकात के दौरान हरजिंदर सिंह धामी ने परमिंदर सिंह झोटा के योगदान को याद करते हुए उन्हें सिख कौम का शहीद बताया। उन्होंने घोषणा की कि परमिंदर सिंह की तस्वीर सिख म्यूजियम में लगाई जाएगी। इसके साथ ही घायल हुए दोनों व्यक्तियों के उपचार और अन्य खर्चों के लिए आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की गई।
सिख म्यूजियम में लगाई जाएगी परमिंदर सिंह की तस्वीर
SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि परमिंदर सिंह झोटा ने नशे के खिलाफ आवाज उठाते हुए समाज के हित में संघर्ष किया। उनकी हत्या से परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है। धामी ने उनकी कुर्बानी को बड़ी शहादत बताते हुए कहा कि उनकी तस्वीर सिख म्यूजियम में लगाई जाएगी, ताकि उनके योगदान को याद रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों के लिए परमिंदर सिंह का संघर्ष प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। समाज को नशे की समस्या से मुक्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है।
घायलों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान
पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान SGPC अध्यक्ष ने हमले में घायल हुए दोनों व्यक्तियों की मदद के लिए भी आर्थिक सहायता की घोषणा की। उन्होंने प्रत्येक घायल के इलाज के लिए ढाई-ढाई लाख रुपये देने की बात कही। इसके अतिरिक्त अन्य खर्चों के लिए भी दोनों घायलों को ढाई-ढाई लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान किया गया।
धामी ने परिवार को भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर SGPC उनकी सहायता के लिए तैयार रहेगी। उन्होंने कहा कि परमिंदर सिंह का परिवार जब भी मदद के लिए आवाज देगा, कमेटी हरसंभव सहयोग करने का प्रयास करेगी।
परिवार ने आर्थिक सहायता लेने से किया इनकार
SGPC अध्यक्ष ने परमिंदर सिंह के बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनके नाम पर 10 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने की पेशकश भी की। हालांकि, परिवार ने आर्थिक सहायता स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
परमिंदर सिंह के पिता ने बताया कि उनके बेटे ने पहले ही परिवार को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि उसकी ओर से किसी भी व्यक्ति या संस्था से आर्थिक मदद नहीं ली जाए। परिवार ने बेटे की इसी इच्छा का सम्मान करते हुए सहायता लेने से मना कर दिया।
परिवार के इस फैसले के बाद भी SGPC अध्यक्ष ने जरूरत के समय साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।
मेडिकल स्टोर संचालक पर हत्या का आरोप
परमिंदर सिंह झोटा की हत्या मंगलवार को मानसा के एक व्यस्त बाजार में हुई थी। सामने आई जानकारी के मुताबिक, वह नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे। घटना के समय वह कथित तौर पर एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीले पदार्थ बेचने के आरोप को लेकर मेडिकल स्टोर संचालक से सवाल कर रहे थे।
इसी दौरान मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार ने कथित तौर पर उन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया था। बाद में मामले के मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई।
इस घटना के बाद इलाके में नशे के कारोबार और उसके विरोध में आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मामले में हत्या के कारणों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सीएम भगवंत मान ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में गहन जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और यदि किसी साजिश का पता चलता है, तो उसका खुलासा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने फिल्लौर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि किसी भी गलत काम में शामिल व्यक्ति को जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने मामले की तह तक पहुंचने और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की बात कही।
बताया गया कि हत्या के समय परमिंदर सिंह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव थे। घटना के बाद पंजाब में इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है।
नशे के खिलाफ अभियान को लेकर फिर उठे सवाल
परमिंदर सिंह झोटा की हत्या ने पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे प्रयासों और इस मुहिम से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। SGPC की ओर से परिवार को समर्थन देने, घायल व्यक्तियों की सहायता करने और परमिंदर सिंह की तस्वीर सिख म्यूजियम में लगाने की घोषणा के बीच अब सभी की नजरें पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर हैं।
परिवार ने आर्थिक सहायता लेने से इनकार कर अपने बेटे की इच्छा को प्राथमिकता दी है, जबकि SGPC ने भविष्य में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री की ओर से भी मामले की गहन जांच का आश्वासन दिया गया है। अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही घटना से जुड़े बाकी सवालों के जवाब मिल सकेंगे।










