लखनऊ में चल रही थी हेरोइन बनाने की फैक्ट्री, दिल्ली में सप्लाई नेटवर्क; 50 करोड़ की ड्रग्स के साथ चार गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ टीम ने दिल्ली-एनसीआर में हेरोइन की सप्लाई करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 7.076 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच के दौरान पुलिस को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में संचालित एक कथित अवैध ड्रग्स निर्माण इकाई का भी पता चला, जहां बड़ी मात्रा में हेरोइन तैयार की जा रही थी।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में लक्ष्मण हुड्डा, अनिल उर्फ भोला, बाबलू और कथित मुख्य सप्लायर रुकसार अली उर्फ राजू शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर में तैयार हेरोइन पहुंचाने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में इसके निर्माण से जुड़ा हुआ था।

7 किलो से ज्यादा हेरोइन बरामद

पुलिस की कार्रवाई में कुल 7.076 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई। इसमें से 6.275 किलोग्राम तैयार हेरोइन लखनऊ में मिली, जबकि दिल्ली-एनसीआर में कार्रवाई के दौरान अन्य आरोपियों से करीब 801 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।

लखनऊ में कथित अवैध फैक्ट्री की तलाशी के दौरान पुलिस को नशीला पदार्थ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरण भी मिले। इनमें करीब 2.504 किलोग्राम सोडियम और 787 ग्राम एसिटिक एनहाइड्राइड के अलावा गैस सिलेंडर, मिक्सर ग्राइंडर, टब, बर्तन, पॉलीथिन, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और लकड़ी की टोकरी आदि शामिल हैं।

16 सितंबर को मिली नेटवर्क की पहली कड़ी

पुलिस के मुताबिक, इस मामले की जांच की शुरुआत 16 सितंबर को मिली एक सूचना से हुई। टीम को जानकारी मिली थी कि बेगमपुर इलाके में हेरोइन की खेप पहुंचाई जानी है। सूचना के आधार पर स्पेशल स्टाफ ने सेक्टर-32 में निगरानी शुरू की और एक ग्रैंड विटारा कार को रोककर तलाशी ली।

कार में मौजूद 58 वर्षीय लक्ष्मण हुड्डा, निवासी रोहतक, को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से करीब 300 ग्राम हेरोइन और तीन लाख रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस ने इस्तेमाल की जा रही कार को भी कब्जे में ले लिया।

पूछताछ में मिली जानकारी और आगे की जांच के आधार पर पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू की।

सोनीपत से दूसरा आरोपी गिरफ्तार

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को नेटवर्क के एक अन्य कथित सप्लायर के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद 17 सितंबर को सोनीपत से 51 वर्षीय अनिल उर्फ भोला को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से करीब 501 ग्राम हेरोइन बरामद होने का दावा पुलिस ने किया है।

पुलिस ने उसके इस्तेमाल में लाई जा रही महिंद्रा XUV-700 को भी जब्त किया। जांच में यह भी सामने आया कि अनिल पहले से एक एनडीपीएस मामले में पैरोल जंप करने के आरोप में वांछित था और उसे घोषित अपराधी बताया गया है।

लखनऊ में किराये की जगह से मिली तैयार हेरोइन

लक्ष्मण और अनिल से पूछताछ के साथ-साथ तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस उस सप्लायर तक पहुंची, जो कथित तौर पर नेटवर्क को हेरोइन उपलब्ध करा रहा था। जांच की कड़ी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक पहुंची।

पुलिस टीम ने 4 अक्टूबर को जानकीपुरम क्षेत्र की सीता कॉलोनी में छापा मारा। यहां से 35 वर्षीय बाबलू को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान मौके से 6.275 किलोग्राम तैयार हेरोइन बरामद हुई।

पुलिस का दावा है कि इसी स्थान पर हेरोइन तैयार की जा रही थी। मौके से ड्रग निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कथित रसायनों के साथ कई उपकरण भी बरामद किए गए। बरामद सामान में गैस सिलेंडर, मिक्सर ग्राइंडर, टब, बर्तन, पॉलीथिन और इलेक्ट्रॉनिक कांटा आदि शामिल हैं।

120 किलोमीटर पीछा करने के बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार

बाबलू से पूछताछ के बाद पुलिस को कथित तौर पर नेटवर्क के मुख्य सप्लायर और लखनऊ स्थित फैक्ट्री के संचालक रुकसार अली उर्फ राजू के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की।

पुलिस के अनुसार, आरोपी को पकड़ने के लिए टीम ने करीब 120 किलोमीटर तक उसका पीछा किया और अंततः उसे बरेली से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि रुकसार अली के खिलाफ पहले भी तीन एनडीपीएस मामले दर्ज रहे हैं।

दिल्ली-एनसीआर से लेकर यूपी तक फैला नेटवर्क

जांच में पुलिस को इस नेटवर्क के कई स्तरों की जानकारी मिली है। एक ओर लखनऊ में कथित तौर पर हेरोइन तैयार की जा रही थी, जबकि दूसरी ओर तैयार नशीले पदार्थ को दिल्ली-एनसीआर में पहुंचाकर सप्लाई किया जा रहा था।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। इसके साथ ही हेरोइन के लिए इस्तेमाल होने वाले रसायन और अन्य कच्चा माल कहां से खरीदा जाता था, तैयार ड्रग्स को दिल्ली-एनसीआर तक कैसे पहुंचाया जाता था और इस कारोबार में होने वाले पैसों का लेन-देन किन माध्यमों से किया जाता था, इसकी भी जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में आगे की जांच जारी है।

Image source – indiatv