3.25 लाख करोड़ की राफेल डील को मोदी सरकार की मंजूरी
भारत की वायुसेना की ताकत को और अधिक आधुनिक और सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी गई है। यह सौदा फ्रांस के साथ लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये की लागत पर होगा।
सौदे का महत्व
- रणनीतिक बढ़त: राफेल जेट्स अपनी अत्याधुनिक तकनीक, लंबी दूरी की मारक क्षमता और मल्टी-रोल ऑपरेशन्स के लिए जाने जाते हैं।
- एयर डॉमिनेंस: पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर में राफेल ने पाकिस्तान के खिलाफ भारत की हवाई श्रेष्ठता को साबित किया था।
- तेज प्रतिक्रिया क्षमता: राफेल की स्पीड और हथियार प्रणाली इसे किसी भी युद्ध स्थिति में निर्णायक बढ़त दिलाती है।
राफेल की खासियतें
- स्पीड और रेंज: यह जेट 2,000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक बिना रीफ्यूलिंग के उड़ान भर सकता है।
- हथियार प्रणाली: इसमें Meteor मिसाइल, Scalp क्रूज़ मिसाइल और लेज़र-गाइडेड बम शामिल हैं।
- स्टेल्थ और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर: राफेल को रडार से बचने और दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को जाम करने की क्षमता है।
- मल्टी-रोल क्षमता: यह जेट एयर-टू-एयर, एयर-टू-ग्राउंड और समुद्री मिशनों में समान रूप से सक्षम है।
भारत की सुरक्षा रणनीति में योगदान
- पड़ोसी देशों पर दबाव: राफेल का नाम सुनते ही पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों में चिंता बढ़ जाती है।
- दो मोर्चों पर तैयारी: भारत की रणनीति हमेशा से दो फ्रंट (पश्चिम और उत्तर) पर तैयार रहने की रही है। राफेल इस रणनीति को मजबूत करता है।
- स्वदेशी और विदेशी संतुलन: तेजस जैसे स्वदेशी जेट्स और राफेल जैसे विदेशी जेट्स का मिश्रण भारत को संतुलित और मजबूत वायुसेना देता है।
आर्थिक और राजनीतिक पहलू
- बड़ा निवेश: 3.25 लाख करोड़ रुपये का यह सौदा भारत की रक्षा बजट में सबसे बड़े निवेशों में से एक है।
- फ्रांस के साथ संबंध: यह डील भारत-फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग को और गहरा करेगी।
- रक्षा उद्योग को बढ़ावा: ऑफसेट नीति के तहत फ्रांसीसी कंपनियां भारत में निवेश करेंगी, जिससे रक्षा उत्पादन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
ऑपरेशन सिंदूर की याद
पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर में राफेल ने पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस समेत कई ठिकानों पर दबाव बनाया था। इस ऑपरेशन ने दिखाया कि राफेल किस तरह से कुछ ही मिनटों में दुश्मन की एयर डिफेंस को कमजोर कर सकता है।
114 नए राफेल जेट्स की खरीद भारत की वायुसेना को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। यह सौदा न केवल भारत की सैन्य शक्ति को बढ़ाएगा बल्कि पड़ोसी देशों को भी स्पष्ट संदेश देगा कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के मामले में किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं है।






