पकड़ा गया शिवानी का झूठ , मंडोरा में नहीं हुई थी लूट जेठानी के जेवर हड़पने के लिये किया था नाटक
बिजनौर (चिंगारी)। गत शनिवार को हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के ग्राम मण्डोरा जट में हुई लूट की सनसनीखेज घटना झूठी निकली। योगेन्द्र सिंह की पुत्रवधू शिवानी ने अपनी जेठानी के जेवर हड़पने के लिये लूट का नाटक किया था। इस नाटक की मास्टर माइंड शिवानी की मां और भाई थे। शिवानी ने घटना का नाटक करने से 3 दिन पूर्व ही घर के जेवर उठाकर अपने भाई को दे दिये थे।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में शिवानी द्वारा रचे गये नाटक का खुलासा करते हुए एसपी अभिषेक झा ने बताया कि मंडोरा जट में लूट की कोई घटना नहीं हुई थी। शिवानी ने अपनी मां और भाई के बहकावे में आकर लूट का नाटक किया था।
उल्लेखनीय है कि गत 7 फरवरी को ग्राम मण्डोरा जट में योगेंद्र सिंह के घर में दिनदहाड़े लूट की सनसनीखेज घटना हो जाने की सूचना से पुलिस में हडक़म्प मच गया था। एसपी अभिषेक झा ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली थी। उन्होंने घटना के खुलासे के लिये पुलिस की कई टीमों का गठन किया था। योगेंद्र की पुत्रवधू शिवानी ने बताया था कि घर में भिखारी के वेश में एक पुरुष व एक महिला आई थी। उन्होंने शिवानी की गर्दन पर चाकू रखकर सोने-चांदी के आभूषण लूट लिये थे।
पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला। पुलिस को उस समय शक हुआ, जब शिवानी का मंगलसूत्र उसी के कमरे में मिला। जबकि शिवानी ने पुलिस को बताया था कि बदमाश उसके नाक-कान, गले के सभी आभूषण भी लूटकर ले गये हैं। पूछताछ मेंशिवानी के बयानों में विरोधाभास पाया गया, जिससे पुलिस का शक और पुख्ता हुआ। पुलिस ने शिवानी, उसकी मां व उसके भाई से अलग-अलग पूछताछ की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। एसपी अभिषेक झा ने बताया कि शिवानी के जेठ ने हाल ही में कहीं कोई प्लॉट खरीदा था। शिवानी को इष्र्या हुई। उसने अपनी मां से ये बात बताई तो उसकी मां ने आग में घी डालने का काम किया। शिवानी की मां संजो देवी ने उसे समझाया कि कोई किसी का नहीं होता। जेठ तरक्की कर रहा है और तेरा पति घर के ही कामों में उलझा रहता है। संजो देवी ने शिवानी को अपनी जेठानी के जेवर उड़ाने का पाठ पढ़ाया। इस योजना में शिवानी का भाई गोलू उर्फ पंकज भी शामिल था। तीनों ने जेठानी के जेवर साफ कर लूट का नाटक करने की योजना बनायी। तीन दिन पूर्व शिवानी ने जेठानी के सारे जेवर उठाकर अपने भाई गोलू उर्फ पंकज को दे दिये थे। पंकज ने जेवर अपने गन्ने के खेत में जाकर दबा दिये थे। पुलिस ने शिवानी, उसकी मां संजो देवी व शिवानी के भाई गोलू उर्फ पंकज को गिरफ्तार कर सभी आभूषण बरामद कर लिये हैं।
मां के लालच ने बर्बाद कर दिया बेटी का घर
बिजनौर (चिंगारी)। लालच बुरी बला है। संजो देवी के मन में आये लालच ने उसकी बेटी का घर बर्बाद कर दिया। हल्दौर थाना क्षेत्र के ग्राम बिसाठ निवासी संजो देवी की पुत्री शिवानी का विवाह 4 वर्ष पूर्व हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के ग्राम मंडोरा जट में हुआ था। बेटी की ससुराल वाले खुशहाल हैं। बेटी भी अपने 3 साल के पुत्र के साथ ससुराल में खुश रह रही थी। संजो देवी से बेटी के ससुराल वालों की खुशहाली देखी न गई। उसने अपनी बेटी के कान भरने शुरू कर दिये। उसने बेटी को समझाया कि कोई किसी का नहीं होता। अभी से अपने बच्चों के लिये ससुराल वालों की चोरी से पैसा जोडऩा शुरू कर दो। बताया जाता है कि पिछले दिनों शिवानी के जेठ ने कहीं प्लॉट खरीदा है। ये सुनकर शिवानी की मां का कलेजा फट गया। उसने अपनी बेटी से कहा जेठ ने प्लॉट खरीद लिया और तू खाली है। यहीं से शिवानी के घर की बर्बादी का सिलसिला शुरू हो गया। पुलिस के अनुसार शिवानी की मां ने अपनी बेटी को जेठानी के जेवर साफ करने का पाठ पढ़ा दिया। उसने शिवानी को उसके भाई की शादी का हवाला देते हुए कहा कि तेरे भाई की शादी होनी है। शादी में जेवर और पैसा चाहिए, जो हमारे पास नहीं है। शिवानी भावनाओं में बह गई। उसने अपनी मां और भाई के साथ मिलकर लूट का नाटक करने की योजना बना ली। घटना से 3 दिन पूर्व 4 फरवरी को उसने ट्रैक्टर-ट्राली के लोहे के गुल्ले से अलमारी का ताला तोड़ा और उसके 14 तोले सोना व करीब 100 ग्राम चांदी के आभूषण उठा लिये। शिवानी ने अपने भाई गोलू उर्फ पंकज को बुलाया और जेवर उसके हवाले कर दिये। शिवानी के भाई उसकी मां ने ये जेवर अपने गन्ने के खेत में दबा दिये थे। योजना अनुसार शिवानी ने 7 फरवरी को अपने घर में लूट का नाटक किया। नाटक को हकीकत में बदलने के लिये शिवानी ने अपने गले पर चोट भी बनाई। उसने घर में लूट होने का शोर मचा दिया। पुलिस पहुंची तो उसने बताया कि घर में एक महिला और एक पुरुष आया था। उसने उसके गले पर चाकू रखकर न केवल जेठानी के बल्कि उसके जेवर भी लूट लिये।
लोग कर रहे थे विश्वास
शिवानी ने लूट का इस ढंग से नाटक किया था कि उसकी हर बात सच लग रही थी। वह बदहवासी की हालत में दिख रही थी और रो-रोकर अपने साथ हुई लूट की कहानी सुना रही थी। उसने एसपी सहित सभी पुलिस अधिकारियों को लूट की कहानी इस तरह सुनाई कि सबको उसकी बातों में सच्चाई नजर आने लगी। पुलिस ने बारीकी से जांच की तो शिवानी के नाटक का चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
पुत्र को देख नहीं रोक पाई आंसू
जेल जाते समय शिवानी अपने 3 वर्षीय पुत्र को देख सिसक-सिसक कर रोने लगी। वह बार-बार कह रही थी कि उसने अपनी मां और भाई के चक्कर में अपना घर बर्बाद कर लिया। शिवानी ने अपने पति अमित कुमार से भी रो-रोकर माफी मांगी। वह अपने पति से बार-बार कह रह थी कि बेटे का ख्याल रखना।
गांव में बदनामी हुई
शिवानी के ससुर ने अपनी बहू की करतूत पर अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि उसकी जरा सी नादानी से गांव में उनकी बहुत बदनामी हो गई।
ससुर को देख रो पड़ी
जिस समय पुलिस शिवानी को जेल भेजने की तैयारी कर रही थी, उसी समय उसका सामना उसके ससुर योगेन्द्र सिंह से हो गया। वह ससुर को देख फफक-फफककर रोने लगी। वह हाथ जोडक़र ससुर से कह रही थी कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई। उसे माफ कर दो।








