नौ माह से धरना दे रहे ग्रामीणों को नजरबंद कर सड़क निर्माण शुरू
बिजनौर (चिंगारी)। नौ माह से शांतिपूर्ण धरना दे रहे ग्रामीणों को शनिवार की रात अचानक प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों को नजरबंद कर दिया गया और अंधेरे का फायदा उठाकर धरना स्थल पर जबरन मिट्टी डलवाकर सड़क निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया।
समाज का आक्रोश
इस कार्रवाई से बंगाली समाज के सैकड़ों महिला-पुरुषों में गहरा आक्रोश फैल गया। सोमवार को वे कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध दर्ज कराना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद आक्रोशित लोग नुमाइश ग्राउंड में धरना देकर बैठ गए।
प्रशासन की अनुमति
हालांकि बाद में प्रशासन ने उन्हें कलेक्ट्रेट जाने की अनुमति दे दी, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने ग्रामीणों और समाज के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जनहित की मांग उठाना अब अपराध माना जाने लगा है।
जनचर्चा
यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि व्यापक जनचर्चा का विषय बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे केवल जनहित की मांग कर रहे थे, जिसे दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।







