दिल्ली–हरियाणा सफर में क्रांति: RRTS के दो नए कॉरिडोर, 90 मिनट में करनाल, 30 मिनट में मुरथल
दिल्ली से हरियाणा की यात्रा अब पूरी तरह बदलने जा रही है। रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के दो नए कॉरिडोर प्रस्तावित हैं—
- दिल्ली–पानीपत–करनाल कॉरिडोर
- दिल्ली–गुड़गांव–बावल कॉरिडोर
इनके शुरू होने के बाद:
- सराय काले खां से करनाल की दूरी सिर्फ 90 मिनट में तय होगी।
- कश्मीरी गेट से मुरथल तक का सफर महज 30 मिनट में पूरा होगा।
- अनुमान है कि इन कॉरिडोर से करीब 2 लाख वाहन सड़कों से हट जाएंगे, जिससे ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों में भारी कमी आएगी।
🏙️ दिल्ली–गुड़गांव–बावल कॉरिडोर
- यह कॉरिडोर गुड़गांव, मानेसर, MBIR और बावल जैसे प्रमुख शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों से होकर गुज़रेगा।
- दिल्ली एयरपोर्ट को सीधे RRTS नेटवर्क से जोड़ेगा।
- NCR की उत्पादकता और औद्योगिक कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा।
🚆 दिल्ली–पानीपत–करनाल कॉरिडोर
- दिल्ली से करनाल तक का सफर अब पहले से कहीं तेज़ और सुविधाजनक होगा।
- यह कॉरिडोर हरियाणा के यात्रियों और उद्योगों को दिल्ली से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।
📊 पब्लिक ट्रांसपोर्ट का बढ़ता इस्तेमाल
- दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ कॉरिडोर (82 किमी) का 55 किमी हिस्सा पहले ही चालू हो चुका है।
- पूरा कॉरिडोर तैयार होने पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल 37% से बढ़कर 63% तक पहुंचने का अनुमान है।
- इससे 1 लाख से अधिक निजी गाड़ियां सड़क से हटेंगी।
- हर साल लगभग 2,50,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी होगी।
🌱 ग्रीन ट्रांसपोर्ट का नया मॉडल
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) के अनुसार:
- RRTS रेल आधारित ट्रांजिट सिस्टम है, जिसमें स्टील-टू-स्टील रोलिंग कॉन्टैक्ट के कारण फ्रिक्शन बेहद कम होता है।
- सड़क पर चलने वाली गाड़ियों की तुलना में यह सिस्टम 1/5वां जीवाश्म ईंधन ही खर्च करता है।
- इसे NCR में पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ ट्रांसपोर्ट समाधान माना जा रहा है।
🔗 मेट्रो और रेलवे से सहज कनेक्टिविटी
- अधिकांश RRTS स्टेशन पास के मेट्रो और रेलवे स्टेशनों से सीधे जुड़े होंगे।
- यात्रियों को बिना किसी रुकावट के इंटरचेंज सुविधा मिलेगी।
🛡️ भीड़ और प्रदूषण से निपटने की रणनीति
- यह प्रोजेक्ट दिल्ली और NCR में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल के कॉम्प्रिहेंसिव एक्शन प्लान का हिस्सा है।
- दिल्ली में ट्रैफिक कम करने के लिए बनी हाई-पावर्ड कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप इसे लागू किया जा रहा है।
- लक्ष्य है कि NCR में भीड़भाड़, प्रदूषण और समय की बर्बादी को कम किया जाए।
📌 निष्कर्ष
RRTS के ये दो नए कॉरिडोर न सिर्फ NCR की यात्रा को तेज़ और आरामदायक बनाएंगे, बल्कि ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और ईंधन की खपत को भी कम करेंगे। यह प्रोजेक्ट दिल्ली–हरियाणा के बीच आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा।







