ISRO ने किया 2026 का पहला लॉन्च ऐलान, EOS-N1 सैटेलाइट जाएगी अंतरिक्ष
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने वर्ष 2026 के अपने पहले अंतरिक्ष मिशन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह लॉन्च 12 जनवरी 2026 (सोमवार) सुबह 10:17 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से किया जाएगा।
🔑 मिशन का नाम और विवरण
- मिशन नाम: PSLV-C62 / EOS-N1
- रॉकेट वैरिएंट: PSLV-DL
- कक्षा (Orbit): 505 किमी सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट
- मिशन अवधि: लगभग 1 घंटा 48 मिनट
- लॉन्च पैड: श्रीहरिकोटा, लॉन्च पैड-1
इस मिशन में PSLV-C62 रॉकेट का उपयोग किया जाएगा, जिसे ISRO का वर्क हॉर्स कहा जाता है। यह रॉकेट अब तक 63 सफल उड़ानों के साथ चंद्रयान-1, मंगल ऑर्बिटर मिशन और आदित्य-एल1 जैसे ऐतिहासिक अभियानों का हिस्सा रह चुका है।
🛰️ मुख्य पेलोड और सह-उपग्रह
इस मिशन का प्राथमिक पेलोड होगा EOS-N1 (अन्वेषा), इसके साथ कुल 15 सह-यात्री उपग्रह भी अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे।
1. EOS-N1 (अन्वेषा)
- निर्माता: DRDO
- वजन: 400 किग्रा
- प्रकार: हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट
- उपयोग:
- रक्षा निगरानी
- कृषि विश्लेषण
- शहरी मानचित्रण
- पर्यावरण ट्रैकिंग
- क्षमता: 12 मीटर रेज़ोल्यूशन
2. KID (Kestrel Initial Technology Demonstrator)
- निर्माता: स्पेनिश स्टार्टअप
- वजन: 25 किग्रा
- विशेषता: री-एंट्री प्रोटोटाइप
- योजना: तैनाती के बाद दक्षिण प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन का प्रयास
3. अन्य व्यावसायिक और रिसर्च उपग्रह
- भागीदार देश: भारत, मॉरीशस, लक्ज़मबर्ग, यूएई, सिंगापुर, यूरोप और अमेरिका
- उद्देश्य: विभिन्न व्यावसायिक और वैज्ञानिक अनुसंधान
⚙️ तकनीकी तैयारी
- वेहीकल इंटीग्रेशन का काम पूरा हो चुका है।
- लॉन्च से पहले सभी प्री-लॉन्च जांच जारी हैं।
- यह PSLV की 64वीं उड़ान होगी।
📜 ऐतिहासिक संदर्भ
- PSLV ने 2017 में एक ही मिशन से 104 उपग्रहों का प्रक्षेपण कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था।
- पिछले वर्ष मई 2025 में PSLV-C61 मिशन विफल रहा था, जिससे इस बार की सफलता पर सबकी निगाहें टिकी हैं।








