ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान की पोल खुली, अमेरिका से 60 बार गुहार लगाने के सबूत
FARA दस्तावेज़ों से बड़ा खुलासा, अमित मालवीय ने पेश किए प्रमाण
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। इस सैन्य अभियान ने पाकिस्तान को इतना हिला दिया कि उसने तत्काल अमेरिका से सीजफायर कराने की गुहार लगानी शुरू कर दी।
पाकिस्तान की घबराहट
- बीजेपी के आईटी विभाग के प्रभारी अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर दस्तावेज़ साझा करते हुए दावा किया कि पाकिस्तान ने अमेरिका से करीब 60 बार संपर्क किया।
- इन संपर्कों में सांसदों, शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों, पेंटागन और विदेश विभाग के अधिकारियों से ईमेल, फोन कॉल और आमने-सामने की बैठकों के जरिए सीजफायर की मांग की गई।
- मालवीय ने लिखा, “यह पाकिस्तान समर्थकों के लिए बुरी खबर है। FARA के तहत जारी दस्तावेज़ बताते हैं कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ जंग रोकने के लिए अमेरिका में आक्रामक लॉबिंग की थी।”
FARA दस्तावेज़ों से खुलासा
- अमेरिका के Foreign Agents Registration Act (FARA) के तहत यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस में दर्ज दस्तावेज़ों से पता चलता है कि पाकिस्तान ने अप्रैल के अंत से लेकर ऑपरेशन सिंदूर के चार दिन बाद तक लगातार कोशिशें कीं।
- इन दस्तावेज़ों में पाकिस्तान के राजनयिकों द्वारा की गई लॉबिंग गतिविधियों का पूरा ब्यौरा दर्ज है।
लॉबिंग पर भारी खर्च
- पाकिस्तान ने तत्कालीन ट्रंप प्रशासन तक अपनी बात पहुँचाने के लिए 6 लॉबिंग कंपनियों को हायर किया।
- इन कंपनियों को पाकिस्तान ने लगभग 45 करोड़ रुपये का भुगतान किया ताकि वे अमेरिकी सत्ता के गलियारों में उसके पक्ष में माहौल बना सकें।
भारत में बहस
इस खुलासे के बाद भारत में उन लोगों पर सवाल उठ रहे हैं जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर संदेह जताया था। मालवीय ने संकेत दिया कि ऐसे लोगों को एक बार फिर बेनकाब करना ज़रूरी है।
सारांश
ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को इतना भयभीत कर दिया कि उसने अमेरिका से बार-बार गुहार लगाई और करोड़ों रुपये खर्च कर लॉबिंग की। FARA दस्तावेज़ों ने पाकिस्तान की इस रणनीति को उजागर कर दिया है, जिससे उसके समर्थकों की पोल खुल गई है।







