गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे अब कुशीनगर तक, लंबाई बढ़कर 750 किमी

उत्तर प्रदेश और हरियाणा के 22 जिलों को जोड़ने वाला गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे अब और लंबा होगा। परियोजना का विस्तार करते हुए इसे कुशीनगर जिले तक ले जाने का निर्णय लिया गया है। इस विस्तार के बाद एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 750 किलोमीटर हो जाएगी।

एक्सप्रेसवे का नया विस्तार

  • पहले यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से शामली तक प्रस्तावित था।
  • बाद में इसे पानीपत तक बढ़ाने का फैसला लिया गया।
  • अब इसे कुशीनगर की सीमा तक ले जाकर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।
  • कुशीनगर में लगभग 3–4 किलोमीटर लंबाई तक यह सड़क बनाई जाएगी।

महत्व और लाभ

  • दोनों एक्सप्रेसवे के जुड़ने से सिलीगुड़ी से पानीपत तक सीधी फोरलेन सड़क उपलब्ध होगी।
  • पूर्वांचल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा से जोड़ने वाला यह मार्ग व्यापार और आवागमन को आसान बनाएगा।
  • यह परियोजना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित होगी, जिसमें पेड़ों की कटाई न्यूनतम रखने का प्रयास होगा।

एलाइनमेंट और भूमि अधिग्रहण

  • कुशीनगर में यह सड़क लगभग 21 गांवों से होकर गुजरेगी।
  • गोरखपुर में करीब 46 गांवों को पार करेगी।
  • एलाइनमेंट का कार्य तेजी से चल रहा है और फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा।
  • भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
  • निर्माण कार्य वर्ष 2026 में आरंभ होने की संभावना है।

चौड़ाई और संरचना

  • एक्सप्रेसवे की चौड़ाई अलग-अलग हिस्सों में 60 से 70 मीटर तक होगी।
  • यह पूरी तरह फोरलेन सड़क होगी।
  • संतकबीरनगर में 22.50 किमी, गोरखपुर में 34 किमी और कुशीनगर में लगभग 3 किमी लंबाई तय की गई है।

जुड़े हुए जिले

यह एक्सप्रेसवे निम्न जिलों को जोड़ेगा:

  • कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, बरेली, संभल, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, मुज़फ्फरनगर, शामली और पानीपत।

कुशीनगर के गांवों से होकर गुजरेगा मार्ग

रामपुर, अगया, होलिया, रामपुर माफी, मगडिहा, सिंदुरिया विशुनपुर, घोड़ादेउर, खुरहुरिया, बलुआ, तुर्कडिहा, बिंदुआर, सहजौली, सेंदुआर, मुंडेरा, खोट्ठा, सिहुलिया, टिकर, छपिया, बेलवा खुर्द, महुअवा और अहिरौली।