बिजनौर को मिलेगा नया बाईपास, मध्य गंगा नहर पटरी पर सड़क निर्माण योजना फिर से कार्ययोजना में शामिल
🚧 बिजनौर शहर में यातायात दबाव कम करने के लिए मध्य गंगा नहर पटरी पर सड़क निर्माण का प्रस्ताव एक बार फिर कार्ययोजना में शामिल किया जा रहा है।
- फेज-2 की मध्य गंगा नहर बिजनौर से निकलकर अमरोहा की ओर जाती है।
- यह नहर मेरठ–पौड़ी नेशनल हाईवे पर बैराज के पास से होकर बिजनौर–चांदपुर मार्ग पर विदुरकुटी के निकट निकलती है।
- इसी पटरी पर सड़क बनाने का विचार पहली बार साल 2021 में सामने आया था।
प्रस्ताव और लागत
- 11 किलोमीटर लंबी सड़क का प्रारूप तैयार किया गया था।
- साल 2024 में शासन को प्रस्ताव भेजा गया, जिसकी अनुमानित लागत करीब 45 करोड़ रुपये थी।
- हालांकि, मंजूरी न मिलने के कारण परियोजना ठहर गई।
- अब इसे नई कार्ययोजना में शामिल कर फिर से आगे बढ़ाने की तैयारी है।
संभावित लाभ
- सड़क बनने के बाद मुजफ्फरनगर से मुरादाबाद या चांदपुर की ओर जाने वाले वाहनों को बिजनौर शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा।
- यह मार्ग सीधे विदुरकुटी की ओर निकलेगा, जिससे चक्कर रोड पर वाहनों का दबाव कम होगा।
- मेरठ–पौड़ी हाईवे और बदायूं स्टेट हाईवे का सीधा जुड़ाव संभव होगा।
नूरपुर मार्ग की योजना
- बिजनौर बैराज से नहर बाईपास होते हुए वाहनों को दारानगर तक पहुंचाने की योजना है।
- इसके बाद दारानगर से नूरपुर–मुरादाबाद रोड पर फतेहपुर होते हुए हल्दौर तक मार्ग निकाला जाएगा।
- इसी योजना के तहत हल्दौर से फतेहपुर होते हुए दारानगर गंज तक जाने वाली सड़क का चौड़ीकरण पहले ही कराया जा चुका है।
यह परियोजना बिजनौर शहर के लिए एक महत्वपूर्ण बाईपास साबित होगी। इससे न केवल शहर के भीतर यातायात दबाव कम होगा, बल्कि आसपास के जिलों से गुजरने वाले वाहनों को भी सुगम मार्ग मिलेगा। लंबे समय से अटकी यह योजना अब फिर से कार्ययोजना में शामिल होकर धरातल पर उतरने की उम्मीद जगा रही है।








