अमेरिका-वेनेज़ुएला तनाव: काराकास में धमाकों से दहली राजधानी, इस्ला मार्गरीटा पर अमेरिकी बमबारी

दक्षिण अमेरिका में भू-राजनीतिक तनाव एक नए स्तर पर पहुँच गया है। अमेरिकी वायु सेना ने वेनेज़ुएला पर हमला करते हुए राजधानी काराकास और इस्ला मार्गरीटा द्वीप को निशाना बनाया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, काराकास में कम से कम सात धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं, साथ ही निचली उड़ान भरते विमानों की गड़गड़ाहट ने शहर को दहला दिया।

रशिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी विमानों ने इस्ला मार्गरीटा द्वीप पर बमबारी की, जहाँ वेनेज़ुएला की सेना का एक प्रमुख बेस स्थित है। अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी धमाकों की पुष्टि की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि आने वाले दिनों में अमेरिका वेनेज़ुएला के भीतर ज़मीनी अभियान भी शुरू कर सकता है।

अमेरिका का उद्देश्य: सरकार परिवर्तन और तेल भंडार तक पहुँच

वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने गुरुवार को प्रसारित एक रिकॉर्डेड इंटरव्यू में आरोप लगाया कि अमेरिका का असली मक़सद वेनेज़ुएला में सरकार बदलना और देश के विशाल तेल भंडार पर नियंत्रण हासिल करना है। मादुरो ने कहा कि यह हमला केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि राजनीतिक हस्तक्षेप है।

हालिया घटनाक्रम: ड्रोन हमला और नार्को-टेररिज्म आरोप

मादुरो पर अमेरिका ने “नार्को-टेररिज्म” का आरोप लगाया है। पिछले सप्ताह एक डॉकिंग एरिया पर हुए ड्रोन हमले को CIA से जोड़ा जा रहा है। माना जाता है कि यह इलाका वेनेज़ुएला के ड्रग कार्टेल के उपयोग में था। यह घटना सितंबर में अमेरिकी नौसैनिक हमलों के बाद वेनेज़ुएला की ज़मीन पर पहला सीधा सैन्य ऑपरेशन मानी जा रही है।

वैश्विक प्रतिक्रिया और संभावित परिणाम

  • राजधानी काराकास में धमाके: नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल।
  • इस्ला मार्गरीटा पर बमबारी: वेनेज़ुएला की सैन्य क्षमता को कमजोर करने की कोशिश।
  • सरकार परिवर्तन का आरोप: मादुरो का दावा कि अमेरिका राजनीतिक हस्तक्षेप कर रहा है।
  • तेल भंडार पर नियंत्रण: अमेरिका की रणनीतिक रुचि वेनेज़ुएला के संसाधनों में।
  • CIA से जुड़ा ड्रोन हमला: ड्रग कार्टेल और नार्को-टेररिज्म के आरोपों के बीच नई कड़ी।