पंजाब निकाय चुनाव परिणाम: पटियाला में ‘आप’ का जलवा, लुधियाना में बहुमत से चूकी; अमृतसर और फगवाड़ा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी

पंजाब के शहरी निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए राज्यभर में नगर निगम, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के कुल 977 वार्डों में से 50 प्रतिशत से अधिक पर जीत दर्ज की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने इसे “जन-समर्थक शासन और पारदर्शी राजनीति की जीत” करार दिया।

पटियाला नगर निगम चुनाव में ‘आप’ ने शानदार जीत हासिल की। कुल 53 वार्डों में से 43 पर कब्जा जमाकर पार्टी यहां महापौर चुनने की स्थिति में आ गई है। यह जीत पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के गढ़ में ‘आप’ की मजबूत पैठ का संकेत है। वहीं, भाजपा और कांग्रेस केवल चार-चार वार्ड तक सिमट गईं, जबकि शिरोमणि अकाली दल (शिअद) को दो वार्ड मिले।

लुधियाना में झटका

लुधियाना नगर निगम के 95 वार्डों में ‘आप’ ने 41 सीटें जीतीं और सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन बहुमत से पीछे रह गई। कांग्रेस ने 30, भाजपा ने 19, शिअद ने दो और निर्दलीय उम्मीदवारों ने तीन वार्डों पर जीत दर्ज की। यह परिणाम ‘आप’ के लिए झटका माना जा रहा है क्योंकि पार्टी के दो मौजूदा विधायक अशोक पराशर और गुरप्रीत गोगी की पत्नियां चुनाव हार गईं। कांग्रेस नेता भारत भूषण आशु की पत्नी भी हार का सामना करना पड़ा।

जालंधर में ‘आप’ सबसे बड़ी पार्टी

जालंधर नगर निगम के 85 वार्डों में ‘आप’ ने 38 पर जीत हासिल की और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। कांग्रेस ने 25, भाजपा ने 19, बसपा ने एक और निर्दलीय उम्मीदवारों ने दो वार्ड जीते।

अमृतसर और फगवाड़ा में कांग्रेस का दबदबा

अमृतसर नगर निगम में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 85 वार्डों में से 40 पर जीत दर्ज की। ‘आप’ को 24 वार्ड मिले, भाजपा को नौ, शिअद को चार और निर्दलीय उम्मीदवारों को आठ वार्ड हासिल हुए। फगवाड़ा नगर निगम में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला। यहां कांग्रेस 22 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि अन्य दलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।

मतदान और उम्मीदवार

इन चुनावों में कुल पांच नगर निगम—अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और फगवाड़ा—के साथ-साथ 44 नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों के लिए मतदान हुआ। राज्यभर में 65.85 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया और 3,300 से अधिक उम्मीदवार मैदान में थे।