कोलकाता में मेसी इवेंट में मचा हंगामा: असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना, गिरफ्तारी की उठाई मांग
कोलकाता में आयोजित विश्व फुटबॉल आइकन लियोनेल मेसी के विशेष कार्यक्रम में अव्यवस्था और भीड़ के उग्र होने की घटनाओं ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। यह आयोजन, जिसे फुटबॉल प्रेमियों के लिए ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा था, अचानक विवादों में घिर गया। अब यह मामला केवल खेल आयोजन की चूक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक आरोप‑प्रत्यारोप का बड़ा मुद्दा बन गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोला है और यहां तक कह दिया कि उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
✅ क्या हुआ था सॉल्ट लेक स्टेडियम में?
कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में मेसी के सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था। हजारों दर्शक महंगे टिकट खरीदकर पहुंचे थे, उम्मीद थी कि वे अपने पसंदीदा खिलाड़ी को करीब से देख पाएंगे। लेकिन कार्यक्रम शुरू होते ही स्थिति बिगड़ने लगी:
- मेसी को VIP मेहमानों, अधिकारियों और राजनीतिक हस्तियों ने घेर लिया
- आम दर्शकों को मेसी की एक झलक तक नहीं मिल सकी
- मेसी का पूरा दौरा लगभग 20 मिनट का रहा
- उनके जाते ही दर्शकों में भारी नाराज़गी फैल गई
नाराज़ भीड़ ने कुर्सियाँ, प्लास्टिक की बोतलें और अन्य सामान मैदान में फेंकना शुरू कर दिया, जिससे स्टेडियम में अफरा‑तफरी मच गई। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल का प्रयोग करना पड़ा।
बाद में राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बताया कि कार्यक्रम के आयोजक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
✅ हिमंता बिस्वा सरमा का तीखा बयान
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस घटना को पश्चिम बंगाल सरकार की कानून‑व्यवस्था की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि:
“पश्चिम बंगाल की गृह मंत्री, जो स्वयं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं, और कोलकाता पुलिस कमिश्नर को गिरफ्तार कर लेना चाहिए। जो कुछ भी हुआ, उसकी पूरी जिम्मेदारी इन्हीं की है।”
सरमा ने आरोप लगाया कि VIP कल्चर के कारण आम दर्शकों को मेसी को देखने का मौका नहीं मिला, जिससे भीड़ भड़क उठी।
✅ असम CM ने अपने राज्य का उदाहरण क्यों दिया?
सरमा ने कहा कि भीड़ प्रबंधन में पश्चिम बंगाल सरकार पूरी तरह असफल रही। उन्होंने तुलना करते हुए कहा:
- असम में गायक जुबीन गर्ग की मृत्यु के बाद तीन दिनों तक करोड़ों लोग सड़कों पर थे
- लगभग 50,000 लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए
- इसके बावजूद कोई अव्यवस्था या हिंसा नहीं हुई
उन्होंने कहा कि:
“मुंबई में महिला विश्व कप फाइनल भी शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। लेकिन बंगाल में VIP कल्चर इतना गहरा है कि वहां कुछ भी कहा नहीं जा सकता।”
सरमा ने यह भी कहा कि मेसी जैसे वैश्विक आइकन के साथ ऐसा व्यवहार शर्मनाक है और ममता बनर्जी को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।
✅ राजनीतिक तापमान क्यों बढ़ा?
यह आयोजन पश्चिम बंगाल सरकार के लिए प्रतिष्ठा का विषय माना जा रहा था। लेकिन अव्यवस्था के बाद विपक्ष ने इसे प्रशासनिक विफलता करार दिया। BJP नेताओं ने इसे “VIP कल्चर की देन” बताया, जबकि TMC ने इसे “राजनीतिक हमला” कहा।
इस घटना ने:
- कानून‑व्यवस्था
- भीड़ प्रबंधन
- राजनीतिक हस्तक्षेप
- और VIP संस्कृति
पर नई बहस छेड़ दी है।
✅ आयोजक की गिरफ्तारी — क्या इससे विवाद थमेगा?
राज्यपाल द्वारा आयोजक की गिरफ्तारी की पुष्टि के बावजूद विवाद शांत होने के बजाय और बढ़ता दिख रहा है। राजनीतिक बयानबाज़ी के बाद यह मामला अब केवल एक खेल आयोजन की चूक नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन गया है।
✅ निष्कर्ष
मेसी का भारत दौरा फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक यादगार अवसर होना चाहिए था, लेकिन अव्यवस्था और VIP कल्चर के आरोपों ने इसे विवादों में बदल दिया। असम CM हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा ममता बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पश्चिम बंगाल सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराता है।





