लखनऊ: नदवा दारुल उलूम कॉलेज के प्रिंसिपल समेत चार लोगों पर FIR, विदेशी नागरिक को बिना सूचना ठहराने का आरोप
लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित इस्लामी शिक्षण संस्थान नदवा दारुल उलूम कॉलेज के प्रिंसिपल सहित चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने फिलीपींस के एक नागरिक को हॉस्टल में ठहराया, लेकिन इसकी अनिवार्य सूचना स्थानीय पुलिस को नहीं दी।
किन-किन पर दर्ज हुआ केस?
FIR जिन चार लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है, उनमें शामिल हैं—
- मौलाना अब्दुल अज़ीज़ नदवी, प्रिंसिपल
- हारून रशीद, सब-रजिस्ट्रार
- मोहम्मद कैसर नदवी, हॉस्टल वार्डन
- मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी
इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने विदेशी नागरिक के ठहरने की जानकारी छुपाई, जबकि यह कानूनी रूप से अनिवार्य है कि किसी भी विदेशी मेहमान की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी जाए।
पहले ही दी गई थी चेतावनी
शिकायत के अनुसार, नदवा प्रशासन को पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि संस्थान में आने वाले किसी भी विदेशी नागरिक की जानकारी पुलिस को देना अनिवार्य है। इसके बावजूद फिलीपींस का नागरिक कॉलेज के हॉस्टल में रुका और इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि विदेशी नागरिक किस उद्देश्य से आया था और वह कितने समय तक हॉस्टल में ठहरा।
नदवा दारुल उलूम क्या है?
नदवा दारुल उलूम लखनऊ का एक प्रमुख और ऐतिहासिक इस्लामी शिक्षण संस्थान है।
- इसकी स्थापना 19वीं सदी के अंत में हुई थी।
- यह भारत की सबसे प्रतिष्ठित इस्लामी सेमिनरी में से एक माना जाता है।
- यहाँ पारंपरिक इस्लामी शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक विषयों की भी पढ़ाई कराई जाती है।
- देश और विदेश से बड़ी संख्या में छात्र यहाँ शिक्षा प्राप्त करने आते हैं।





