डिजिटल इंडिया को नई उड़ान: तीन टेक दिग्गज कंपनियां करेंगी 5.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश

अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल मिलकर बनाएंगे डिजिटल भविष्य

भारत: टेक्नोलॉजी निवेश का नया केंद्र

भारत आज दुनिया के सबसे आकर्षक टेक्नोलॉजी निवेश स्थलों में गिना जा रहा है।

  • एआई और क्लाउड टेक्नोलॉजी का तेज़ी से बढ़ता उपयोग
  • डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
  • विशाल उपभोक्ता बाज़ार और प्रतिभाशाली डेवलपर समुदाय

इन्हीं कारणों से तीन वैश्विक टेक कंपनियां — अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल — ने भारत में कुल 67.5 अरब डॉलर (करीब 5.6 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करने का ऐलान किया है।

अमेज़न का बड़ा दांव

  • अमेज़न वर्ष 2030 तक 35 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करेगी।
  • कंपनी का फोकस होगा:
    • डेटा सेंटर
    • ई‑कॉमर्स इंफ्रास्ट्रक्चर
    • क्लाउड टेक्नोलॉजी
    • लॉजिस्टिक नेटवर्क
  • इससे छोटे व्यापारियों को फायदा मिलेगा और डिजिटल इंडिया की ग्रोथ को नई दिशा मिलेगी।

माइक्रोसॉफ्ट का ब्लूप्रिंट

  • माइक्रोसॉफ्ट ने 17.5 अरब डॉलर के निवेश की योजना बनाई है।
  • प्रमुख पहल:
    • क्लाउड और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
    • स्किलिंग प्रोग्राम्स को बढ़ावा
    • नए डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना
  • सीईओ सत्य नडेला का कहना है कि एआई अगले दशक में करोड़ों लोगों के काम करने और इनोवेशन करने का तरीका बदल देगा।
  • अनुमान है कि 2030 तक भारत में 57.5 मिलियन डेवलपर्स होंगे, जिससे भारत दुनिया की सबसे बड़ी डेवलपर कम्युनिटी बनेगा।

गूगल का एआई और शिक्षा पर फोकस

  • गूगल के निवेश से देश में 1,88,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां बनने का अनुमान है।
  • कंपनी भारत में:
    • लोकल एआई मॉडल्स विकसित करेगी
    • स्टार्टअप इकोसिस्टम को मज़बूत करेगी
    • डिजिटल शिक्षा का विस्तार करेगी

अडानी समूह का योगदान

  • अडानी समूह ने अगले 6 वर्षों में 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई है।
  • निवेश क्षेत्र:
    • इन्फ्रास्ट्रक्चर
    • नवीकरणीय ऊर्जा
    • पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स
  • चेयरमैन गौतम अडानी का मानना है कि यह निवेश भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा और एआई क्षमताओं को तेज़ी से आगे बढ़ाएगा।

समग्र प्रभाव

  • भारत की डिजिटल क्षमता को नई ऊंचाई मिलेगी
  • लाखों नई नौकरियों का सृजन होगा
  • भारत दुनिया का सबसे बड़ा डेवलपर हब बनेगा
  • स्टार्टअप्स और इनोवेशन को मज़बूत आधार मिलेगा
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्र में भी तेज़ी आएगी