IndiGo संकट: बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली में सैकड़ों उड़ानें रद्द, DGCA ने शेड्यूल में कटौती की
✈️ एयरलाइन संकट का आठवां दिन भारत की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन IndiGo लगातार परिचालन संकट से जूझ रही है। मंगलवार को स्थिति और बिगड़ गई जब कंपनी को बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली से कुल मिलाकर 330 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
- बेंगलुरु एयरपोर्ट: 121 उड़ानें रद्द (58 आगमन, 63 प्रस्थान)
- हैदराबाद एयरपोर्ट: 58 उड़ानें रद्द (14 आगमन, 44 प्रस्थान)
- दिल्ली IGI एयरपोर्ट: 152 उड़ानें रद्द
DGCA की कार्रवाई
🛑 एविएशन सेफ्टी रेगुलेटर DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने मंगलवार को आदेश जारी करते हुए IndiGo के फ्लाइट शेड्यूल में 5% कटौती की घोषणा की।
- यह कटौती 1 दिसंबर 2025 से लागू होगी।
- DGCA ने कहा कि यह कदम उन रूट्स पर उठाया गया है जहाँ मांग अधिक है और उड़ानों की फ्रीक्वेंसी भी ज्यादा रहती है।
- एयरलाइन को बुधवार शाम 5 बजे तक नया संशोधित शेड्यूल जमा करने का निर्देश दिया गया है।
सरकार का रुख
🗣️ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोमवार को स्पष्ट किया था कि सरकार IndiGo के स्लॉट्स कम करेगी। उन्होंने इसे एयरलाइन के लिए एक प्रकार की “सजा” बताया, क्योंकि अब उन्हें कुछ रूट्स पर उड़ानें संचालित करने की अनुमति नहीं होगी।
IndiGo का परिचालन पैमाना
- गुरुग्राम स्थित IndiGo भारत के घरेलू हवाई यातायात में 65% से अधिक हिस्सेदारी रखती है।
- एयरलाइन रोजाना लगभग 2,200 उड़ानें संचालित करती है।
- इसके नेटवर्क में 90 घरेलू और 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्य शामिल हैं।
- सोमवार को ही IndiGo ने छह मेट्रो एयरपोर्ट्स से 560 से अधिक उड़ानें रद्द की थीं।
स्थिति का महत्व
यह संकट ऐसे समय में आया है जब देश में विंटर शेड्यूल 2025-26 लागू है और यात्री यातायात चरम पर है। बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
👉 संक्षेप में, IndiGo का परिचालन संकट अब केवल तकनीकी या आंतरिक समस्या नहीं रहा, बल्कि सरकार और नियामक एजेंसियों की सख्त कार्रवाई तक पहुँच गया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एयरलाइन इस संकट से कैसे उबरती है और यात्रियों को भरोसा दिलाने के लिए क्या कदम उठाती है।







