देशभर में टोल प्लाजा पर रुकने की मजबूरी खत्म: अगले साल से पूरी तरह डिजिटल सिस्टम

भारत में सड़क और परिवहन क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी घोषणा हाल ही में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले एक वर्ष के भीतर देशभर में टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। यह घोषणा न केवल यात्रियों और ट्रक चालकों के लिए राहत की खबर है, बल्कि देश के रोड ट्रैफिक और हाईवे नेटवर्क में एक तकनीकी क्रांति का संकेत भी है।

🚦 टोल प्लाजा पर रुकने की मजबूरी खत्म

अब तक यात्रियों को टोल प्लाजा पर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था, जिससे समय की बर्बादी और ईंधन की खपत बढ़ जाती थी। गडकरी ने बताया कि आने वाले समय में टोल टैक्स संग्रहण का पूरा सिस्टम डिजिटल होगा। इसका अर्थ है कि वाहन को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। जैसे ही वाहन टोल क्षेत्र से गुजरेगा, टोल राशि स्वतः ही वाहन मालिक के बैंक खाते से कट जाएगी।

इस प्रणाली को पहले ही देश के लगभग 10 स्थानों पर लागू किया जा चुका है। अगले एक साल में इसे पूरे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर विस्तार दिया जाएगा। यह कदम न केवल यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि देश की 4500 चल रही राजमार्ग परियोजनाओं, जिनकी लागत लगभग 10 लाख करोड़ रुपये है, को भी गति देगा।

💳 NETC और RFID तकनीक

इस डिजिटल टोल प्रणाली के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) तकनीक विकसित की है। इस तकनीक में वाहन की विंडस्क्रीन पर RFID (Radio Frequency Identification) डिवाइस लगाया जाएगा।

  • जैसे ही वाहन टोल प्लाजा से गुजरेगा, RFID डिवाइस टोल सिस्टम से जुड़ जाएगा।
  • यह डिवाइस वाहन मालिक के बैंक खाते से जुड़ा होगा।
  • टोल राशि स्वतः ही खाते से कट जाएगी, जिससे नकद लेन-देन की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।

इससे न केवल टोल प्लाजा पर लगने वाला जाम खत्म होगा, बल्कि समय की बचत भी होगी। यात्रियों को बिना रुके यात्रा करने का अनुभव मिलेगा, जो आधुनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में एक बड़ा कदम है।

🌱 पर्यावरण और ईंधन पर ध्यान

गडकरी ने इस अवसर पर पर्यावरण और वैकल्पिक ईंधन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार वैकल्पिक ईंधन को प्राथमिकता दे रही है और हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन माना जा रहा है।

इसका उद्देश्य है:

  • पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करना।
  • प्रदूषण को घटाना।
  • ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना।

डिजिटल टोल प्रणाली से भी ईंधन की बचत होगी, क्योंकि वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण को लाभ होगा।

🏥 सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज योजना

गडकरी ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए एक और महत्वपूर्ण पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब सड़क दुर्घटना के मामलों में पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

  • अब तक कुल 6,833 अनुरोधों में से 5,480 पीड़ित इस योजना के तहत लाभान्वित हो चुके हैं।
  • यह योजना दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत है।
  • इससे समय पर इलाज संभव होगा और आर्थिक बोझ कम होगा।

यह पहल सड़क सुरक्षा और मानवीय संवेदनशीलता की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण कदम है।

🚗 सड़क यातायात में सुधार और तकनीकी क्रांति

डिजिटल टोल प्रणाली और कैशलेस इलाज योजना मिलकर देश के परिवहन क्षेत्र में व्यापक सुधार लाएंगी।

  • यात्रियों को बिना रुके यात्रा करने का अनुभव मिलेगा।
  • ट्रक चालकों और लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से लाभकारी होगी।
  • दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत इलाज मिलेगा, जिससे जीवन बचाने की संभावना बढ़ेगी।
  • पर्यावरणीय लाभ भी होंगे, क्योंकि ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी आएगी।

इन पहलों को देश के हाईवे और परिवहन क्षेत्र में एक तकनीकी क्रांति के रूप में देखा जा रहा है। यह न केवल आधुनिक भारत की तस्वीर पेश करता है बल्कि “डिजिटल इंडिया” और “ग्रीन इंडिया” के विज़न को भी मजबूत करता है।