RBI ने रेपो रेट घटाकर 5.25% किया, EMI में मिलेगी राहत, होम, कार और पर्सनल लोन होंगे सस्ते
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद बड़ा फैसला लेते हुए रेपो रेट में 0.25% की कटौती की है। इसके साथ ही रेपो रेट घटकर 5.25% पर आ गई है। यह कदम सीधे तौर पर करोड़ों कर्जदारों के लिए राहत लेकर आया है क्योंकि अब होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की EMI कम होने की संभावना है।
📉 रेपो रेट क्या है और इसका असर कैसे पड़ता है?
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराता है। जब RBI रेपो रेट घटाता है, तो बैंकों को कम ब्याज दर पर पैसा मिलता है। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं तक पहुंचता है क्योंकि बैंक भी अपने ग्राहकों को कम ब्याज दर पर लोन देने लगते हैं।
इस बार की कटौती के बाद:
- होम लोन EMI में कमी आएगी।
- कार लोन सस्ते होंगे।
- पर्सनल लोन पर ब्याज दरों में राहत मिलेगी।
📊 आर्थिक हालात और RBI का फैसला
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि MPC ने 3 से 5 दिसंबर तक आर्थिक स्थिति का गहन अध्ययन किया।
- दूसरी तिमाही में भारत की GDP 8.2% बढ़ी।
- अक्टूबर 2025 में खुदरा महंगाई मात्र 0.25% रही, जो अब तक का सबसे कम स्तर है।
- वैश्विक आर्थिक माहौल और घरेलू मांग को देखते हुए ब्याज दर घटाने का सही समय था।
महंगाई में लगातार गिरावट और मजबूत आर्थिक विकास दर ने RBI को यह कदम उठाने का अवसर दिया।
💰 लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त कदम
RBI ने केवल रेपो रेट में कटौती ही नहीं की, बल्कि सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कई उपाय भी किए हैं:
- STF (Standing Deposit Facility) रेट घटाकर 5% किया गया।
- MSF (Marginal Standing Facility) और बैंक रेट 5.5% तय किए गए।
- 1 लाख करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड की OMO खरीद की घोषणा।
- 5 बिलियन डॉलर की तीन साल की डॉलर-रुपया बाय-सेल स्वैप।
इन कदमों का उद्देश्य बाजार में पर्याप्त नकदी बनाए रखना और विकास की गति को बरकरार रखना है।
⚖️ न्यूट्रल स्टांस जारी
MPC ने मौद्रिक नीति में न्यूट्रल स्टांस जारी रखने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि RBI आगे भी महंगाई और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने पर ध्यान देगा।
🏠 उपभोक्ताओं के लिए बड़ा फायदा
रेपो रेट घटने का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।
- होम लोन लेने वालों की EMI कम होगी, जिससे घर खरीदना आसान होगा।
- ऑटो लोन सस्ते होने से गाड़ियों की बिक्री में तेजी आ सकती है।
- पर्सनल लोन पर ब्याज दर घटने से उपभोक्ताओं को अतिरिक्त खर्चों में राहत मिलेगी।
फेस्टिव सीजन के बाद यह कदम उपभोक्ताओं की मांग को और बढ़ावा देगा और बाजार में सकारात्मक माहौल बनाएगा।
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