गंगा में प्रवाहित न होने पाये गंदे नालो का पानी – डी.एम.
बिजनौर (चिंगारी)। जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा पर्यावरण समिति, मानव गुलदार संघर्ष निवारीकरण समिति की बैठक आयोजित समिति, जिला वृक्षारोपण समिति एवं जिला की गई। जिलाधिकारी ने गंगा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिये कि सभी नगर निकायों में यह जांच कराना सुनिश्चित करें कि कोई भी नाला या सीवर का गंदा पानी गंगा नदी में प्रवाहित न हो रहा हो। उन्होंने निर्देश दिये कि नदी को स्वच्छ रखने के लिए उनमें शहर के गंदे पानी को जाने से रोकने की कार्रवाई प्रमुखता से करना सुनिश्चित करें। उन्होंने
निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कर गंगा तटीय गांवों में ग्राम वनों का विकास करें तथा गंगा घाट पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था और जर्जर शौचालय की मरम्मत करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने पर्यावरण समिति की बैठक की समीक्षा के दौरान वायु प्रदूषण के मानकों का अनुपालन न करने वालों पर कड़ी कार्यवाही करने तथा जुर्माना लगाने तथा चालानों में बढ़ोतरी करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने ब्लॉक मच्छमार और अफजलगढ़ के इमरतपुर में मृतक पशुओं को खुले में डालने की शिकायत पर पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिये कि उक्त ग्रामों के प्रधानों से वार्ता कर मृतक पशुओं को सही प्रकार से डिस्पोज कराना एवं मृतक पशुओं के डिस्पोज के प्रति जागरूक करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां-जहां गुलदार की घटनाएं हो रही हैं, वहां पर गुलदार से बचाव के लिये जागरूकता कैंप लगाना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, डीएफओ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुणब्ल रस्तोगी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।





