विभोर भरद्वाज ने कनाडा में सीपीए परीक्षा उत्तीर्ण कर नगर व परिवार का नाम किया रोशन

बिजनौर। मजबूत इरादे, कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण की भावना हो तो सफलता की कोई सीमा नहीं होती। इसी सत्य को साकार कर दिखाया है नवाब का अहाता निवासी श्री विपिन भरद्वाज एवं श्रीमती ममता भरद्वाज के होनहार सुपुत्र विभोर भरद्वाज ने।

विभोर ने सात समुंदर पार कनाडा में रहते हुए विश्वभर में मान्यता प्राप्त प्रतिष्ठित सीपीए (सर्टिफाइड पब्लिक अकाउंटेंट) परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार, नगर और देश का नाम गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि भारतीय युवाओं की प्रतिभा और दृढ़ संकल्प का भी प्रमाण है।

कठिन राह पर अदम्य साहस

विभोर ने बताया कि विदेश में रहते हुए किसी भी प्रोफेशनल परीक्षा को पास करना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। सीपीए पदनाम लेखांकन, ऑडिटिंग और वित्तीय परामर्श जैसे क्षेत्रों में उच्च स्तर की विशेषज्ञता को दर्शाता है। सामान्य परीक्षाओं का समय तीन घंटे होता है, जबकि सीपीए परीक्षा पाँच घंटे तक चलती है, जो इसकी कठिनाई और गंभीरता को स्पष्ट करती है।

परीक्षा की तैयारी के दौरान विभोर को अपने डेढ़ वर्षीय पुत्र वर्णन की देखभाल भी करनी पड़ी। पारिवारिक जिम्मेदारियों और कठिन अध्ययन के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं था। इसी दौरान उनके पत्नी वीनू मखीजा एक पेपर क्वालीफाई करने से रह गए, जिससे भरद्वाज परिवार की खुशियाँ थोड़ी अधूरी रह गईं।

प्रतिभा का पूर्व प्रमाण

यह पहली बार नहीं है जब विभोर ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया हो। मात्र 23 वर्ष की आयु में उन्होंने प्रथम प्रयास में ही सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) की कठिन परीक्षा उत्तीर्ण कर सबको चकित कर दिया था। उनकी यह उपलब्धि आज भी नगरवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

परिवार और समाज में उल्लास

विभोर की सफलता से परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों में अपार खुशी की लहर दौड़ गई। नगर के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं कि उनके बीच से एक युवा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

शुभकामनाएँ

चिंगारी परिवार सहित नगरवासियों ने विभोर भरद्वाज के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है और विश्वास जताया है कि वे आगे भी अपनी मेहनत और लगन से समाज और देश का नाम रोशन करते रहेंगे।