ऑनलाइन फूड और राइड हो सकती है महंगी: नए लेबर कोड्स से बढ़ेगी लागत, ग्राहकों पर पड़ेगा असर

भारत में गिग-इकोनॉमी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे स्विगी, जोमैटो, ओला और उबर तेज़ी से बढ़ रहे हैं। अब तक इन सेवाओं ने ग्राहकों को सुविधा और सस्ते विकल्प दिए, लेकिन आने वाले समय में यह सुविधा महंगी साबित हो सकती है।

📈 क्यों बढ़ेगी कीमतें?

सरकार ने हाल ही में चार नए लेबर कोड्स लागू किए हैं, जो 29 पुराने श्रम कानूनों को समेकित करते हैं। इन कोड्स के तहत पहली बार गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी औपचारिक सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाएंगे।

  • कंपनियों को अपने गिग वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी फंड में योगदान करना होगा।
  • यह योगदान सालाना टर्नओवर का 1–2% या गिग वर्कर्स को दिए गए कुल भुगतान का 5% तक हो सकता है।

👨‍🍳 ग्राहकों पर असर

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के अनुसार:

  • फूड ऑर्डर पर लगभग ₹3.2 अतिरिक्त खर्च जुड़ सकता है।
  • क्विक-कॉमर्स ऑर्डर पर यह लागत ₹2.4 तक बढ़ सकती है।
  • प्लेटफॉर्म्स इस बोझ को प्लेटफॉर्म फीस, सर्ज-लिंक्ड चार्जेज या डिलीवरी प्राइस बढ़ाकर ग्राहकों से वसूल सकते हैं।
  • यदि सरकार इन लाभों को एक केंद्रीय फंड के जरिए संचालित करती है, तो अतिरिक्त लागत घटकर ₹1–2 प्रति ऑर्डर रह सकती है।

🏢 फॉर्मल स्टाफिंग कंपनियों को फायदा

नए लेबर कोड्स से टीमलीज जैसी स्टाफिंग कंपनियों को बड़ा अवसर मिलेगा।

  • नियम अब सरल और एकीकृत हो गए हैं, जिससे औपचारिक स्टाफिंग कंपनियों के लिए काम करना आसान होगा।
  • कंपनियां गिग वर्कर्स की जगह औपचारिक स्टाफिंग सेवाओं की ओर आकर्षित हो सकती हैं।

⚠️ चुनौतियाँ

हालांकि, इन कानूनों को लागू करना आसान नहीं होगा:

  • गिग वर्कर्स अक्सर कई प्लेटफॉर्म्स पर एक साथ काम करते हैं
  • उनके काम के घंटे तय नहीं होते, जिससे लाभों का सही हिसाब रखना मुश्किल होगा।
  • सरकार का ई-श्रम डेटाबेस इस चुनौती को हल करने में अहम भूमिका निभाएगा।

🛡️ गिग वर्कर्स को क्या मिलेगा?

नए लेबर कोड्स के तहत गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को पहली बार औपचारिक अधिकार मिलेंगे:

  • पेंशन योजनाएँ
  • स्वास्थ्य बीमा
  • अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ

👉 संक्षेप में: आने वाले समय में आपके फूड ऑर्डर और राइड्स थोड़ी महंगी हो सकती हैं, लेकिन इसके पीछे का कारण है गिग वर्कर्स को औपचारिक सुरक्षा और लाभ दिलाना। यह बदलाव ग्राहकों के लिए अतिरिक्त खर्च लाएगा, लेकिन लाखों वर्कर्स के लिए स्थिरता और सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा।